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ENGvIND: हार्दिक पांड्या का करियर भरेगा उड़ान, स्टार ऑलराउंडर से मिली है खास सलाह

Wed, 22 Aug 2018 09:07 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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हार्दिक पांड्या
टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के टेस्ट करियर ने एकदम उड़ान भरी थी। उन्होंने श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कुछ अच्छी पारियां खेली, जिसके बाद उनकी तुलना महान भारतीय ऑलराउंडर कपिल देव से होने लगी। हालांकि, इसके बाद पांड्या के प्रदर्शन में गिरावट आना शुरू हुई और जल्द ही वह समर्थकों और क्रिकेट पंडितों की आलोचनाओं का शिकार बन गए।
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हार्दिक पांड्या
पांड्या की मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले दो टेस्ट में उनका प्रदर्शन फीका रहा और इन दोनों मौकों पर टीम इंडिया को शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि, तीसरे टेस्ट में हार्दिक पांड्या लय में लौटे। उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट चटकाए और 52 रन की उम्दा पारी भी खेली। शानदार प्रदर्शन के बाद पांड्या ने अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया और साथ ही कहा कि वह कभी भी कपिल देव जैसे नहीं बनना चाहते क्योंकि वह महान हैं। 
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hardik pandya
इरफान पठान ने पांड्या और कपिल देव के बीच हो रही तुलना पर अपनी राय प्रकट की है। उन्होंने कहा कि पांड्या को इस तुलना का सकारात्मक पक्ष देखना चाहिए। इंडिया टुडे के हवाले से पठान ने कहा, 'अगर पांड्या जमीन से जुड़े रहे तो निश्चित ही हम आने वाले समय में उनकी तुलना महान कपिल देव से करना चाहेंगे। अगर मुख्य चयनकर्ता ऐसा कहे तो अच्छा महसूस होता है। अगर कोई आपकी तुलना महान खिलाड़ियों से कर रहा है तो अच्छा लगता है। अगर मैं कपिल देव का 10 प्रतिशत भी हूं तो अपनी जिंदगी में बहुत खुश रहता।'

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इरफान पठान
इरफान पठान ने 2003 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और खेल के तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। जल्द ही पठान की तुलना महान कपिल देव से होने लगी। बाएं हाथ के ऑलराउंडर ने याद किया कि कैसे कपिल देव के साथ तुलना होने पर उन्हें प्रोत्साहन मिलता था और वह बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत करते थे।
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इरफान पठान
33 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा, 'मुझे याद है कि हर कोई मेरे पास आकर कपिल देव वाला सवाल करता था। मैंने 2006 में पाकिस्तान में अच्छा प्रदर्शन किया था। शोएब अख्तर का अच्छे से सामना किया, फिर पर्थ टेस्ट जीता, 2007 में वर्ल्ड टी-20। जब ऐसे में कोई आपकी तुलना महान क्रिकेटर से करता है तो बहुत सम्मानित महसूस होता है। इससे मुझ पर दबाव बढ़ने के साथ-साथ विश्वास भी बढ़ता था।'
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