पूरी क्रिकेट बिरादरी बीसीसीआई की रिटेंशन पॉलिसी का इंतजार कर रही है, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स यकीनन किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी की तुलना में रिटेंशन दिशानिर्देशों को समझने के लिए ज्यादा बेताब है।
आईपीएल 2025 को लेकर हलचल तेज हो गई है। अगले सीजन के लिए होने वाले मेगा ऑक्शन से पहले सभी 10 टीमें अपनी रिटेंशन लिस्ट तैयार करने में जुटी हुई हैं। इस महीने के अंत तक या फिर अगले महीने की शुरुआत में लगभग सभी टीमें रिटेन किए गए खिलाड़ियों का नाम बीसीसीआई को सौंप देंगी। बाकी सभी खिलाड़ी मेगा ऑक्शन में उतरेंगे। ऐसे में फ्रेंचाइजी पूरी तरह सतर्क हैं। हालांकि, बीसीसीआई ने अभी तक इसका खुलासा नहीं किया है कि एक फ्रेंचाइजी कितने खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है।
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धोनी
- फोटो : IPL/BCCI
पूरी क्रिकेट बिरादरी बीसीसीआई की रिटेंशन पॉलिसी का इंतजार कर रही है, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स यकीनन किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी की तुलना में रिटेंशन दिशानिर्देशों को समझने के लिए ज्यादा बेताब है। दरअसल, बोर्ड की नीति यह तय करेगी कि महान एमएस धोनी एक और सीजन खेलेंगे या नहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएसके ने रिटेन खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार कर ली है और उसमें पांच खिलाड़ियों को जगह दी है। साथ ही धोनी को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। इसमें कुछ बड़े नाम हैं, जिन्हें शामिल नहीं किया गया है।
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मथीशा पथिराना
- फोटो : IPL/BCCI
रेवस्पोर्ट्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएसके ने पहले ही पांच खिलाड़ियों की लिस्ट तैयार कर ली है, जिन्हें वे मेगा नीलामी से पहले बनाए रखना चाहते हैं। ऐसी खबरें हैं कि बीसीसीआई सभी फ्रेंचाइजी को राइट टू मैच सहित छह खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति देगा, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीएसके की रिटेंशन लिस्ट में पांच खिलाड़ियों में ऋतुराज गायकवाड़, रवींद्र जडेजा, शिवम दुबे, मथीशा पथिराना और एमएस धोनी शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि अगर फ्रेंचाइजी की रिटेंशन लिस्ट यही है तो उसमें दीपक चाहर, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, महीश तीक्ष्णा को जगह नहीं दी गई है। यह देखते हुए कि धोनी 2025 सीजन से आगे नहीं खेल सकते हैं, सीएसके ने अपने कुछ शीर्ष खिलाड़ियों को शामिल न करके एक साहसिक फैसला लिया है।
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चेन्नई सुपर किंग्स
- फोटो : IPL
सीएसके के अधिकारियों ने पहले ही बीसीसीआई से पुराने नियम को वापस लाने की मांग की थी। इसके मुताबिक, फ्रेंचाइजी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट ले चुके खिलाड़ी को अनकैप्ड के तौर पर टीम में बनाए रखने की अनुमति देता था। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक इस विषय पर अपने फैसले की घोषणा नहीं की है। अनकैप्ड खिलाड़ियों की श्रेणी में रखने से यह होता था कि उनकी सैलरी कम होती थी। ऐसे में यह निश्चित है सीएसके भले ही धोनी को रिटेन करे, लेकिन उन्हें सबसे कम सैलरी वाली श्रेणी में बरकरार रखा जाएगा।
तब के नियम के तहत पांच साल से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले खिलाड़ियों को अनकैप्ड खिलाड़ी मानने की अनुमति थी। यह नियम 2008 में शुरू हुआ था और 2021 तक लागू था, जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया था। धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। सीएसके चाहता है कि समय सीमा समाप्त होकर महज संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को अनकैप्ड माना जाए। अगर नियम वापस आता है, तो धोनी और सीएसके को फायदा होगा। धोनी आईपीएल 2025 में वापसी करेंगे या नहीं, इस पर भी सवाल है। कुछ हद तक इम्पैक्ट प्लेयर के नियम का भी इसमें किरदार होगा। हालांकि, उनके वापसी से आईपीएल को भी फायदा होगा। हालांकि, यह काफी हद तक बीसीसीआई द्वारा तैयार की गई रिटेंशन पॉलिसी पर निर्भर करता है।