कानपुर की पिच टर्निंग हो चली है, फिरकी गेंदबाजों ने अब तक गिरे 21 में से 15 विकेट झटक चुके हैं। तीसरे दिन के शुरुआती करीब साढ़े 3 घंटे के खेल में रविंद्र जडेजा और आर अश्विन की जोड़ी ने आपस में विकेट बांटते हुए 9 विकेट चटकाकर न्यूजीलैंड की पारी आसानी से समेट दिया। लेकिन इसी पिच पर टीम इंडिया के शीर्ष क्रम के 3 बल्लेबाजों ने 8 साल बाद उस कीर्तिमान को दोहरा दिया जिसे 84 साल के इतिहास में सिर्फ 5 बार ही ऐसा हुआ है।
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Murali vijay, team india
- फोटो : PTI
लोकेश राहुल और मुरली विजय की जोड़ी जिसने पहली पारी में 42 रनों की साझेदारी की थी उसने दूसरी पारी में संयम के साथ खेलते हुए 52 रनों की साझेदारी की। इस ओपनिंग जोड़ी की यह पहली अर्धशतकीय साझेदारी भी है। इसके बाद लोकेश तो दोनों ही पारियों में अपनी फिफ्टी नहीं लगा सके, लेकिन मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा ने दोनों ही पारियों में 50 रनों के आंकड़े को पार किया है।
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चेतेश्वर पुजारा
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करीब 8 साल बाद टीम इंडिया की ओर से किसी टेस्ट मैच में शीर्ष क्रम के 3 बल्लेबाजों ने दोनों ही पारियों में 30 या उससे ज्यादा की पारी खेली है जो अपने आप में बेहद एक अनोखा रिकॉर्ड है । इस मैच की पहली पारी में लोकेश राहुल (32), मुरली विजय (65) और चेतेश्वर पुजारा (62) ने 30 से ज्यादा का स्कोर किया था। इसके बाद दूसरी पारी में भी इन तीनों ने 30 से ज्यादा का स्कोर क्रमशः 38, 64 और 50 किया।
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- फोटो : Getty
इससे पहले 2008 में मोहाली टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया के शीर्ष क्रम के 3 बल्लेबाजों ने एक टेस्ट मैच की दोनों ही पारियों में 30 या उससे ज्यादा का स्कोर किया था। वैसे ओवरऑल देखा जाए तो 84 साल के टेस्ट इतिहास में टीम इंडिया की ओर से किसी मैच की दोनों ही पारियों में 30 से ज्यादा का स्कोर करने का कारनामा महज 5 बार ही हुआ है।
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रविंद्र जडेजा, टीम इंडिया
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टीम इंडिया के फिरकी गेंदबाज रविंद्र जडेजा ने अपने टेस्ट करियर में 5वीं बार किसी एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट झटका है। खास बात यह है कि इन 5 में से जडेजा ने पहली पारी में 3 बार तो 2 बार दूसरी पारी में झटका।
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टीम इंडिया
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न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन जब से अपनी टीम के कप्तान बने हैं लगातार रन बना रहे हैं। पिछली 7 पारियों में उनके बल्ले से क्रमशः 91, 113, नाबाद 68, नाबाद 2, 77, 5 और 75 रनों की पारी खेली है। कानपुर टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 75 रनों की पारी खेली। अगर टीम इंडिया को इस मैच में जीत हासिल करनी है तो उसके गेंदबाजों को इस खतरनाक बल्लेबाज का विकेट सस्ते में झटकना होगा।
दूसरी ओर, रॉस टेलर ने 2016 ने साल की शुरुआत में लगातार 3 टेस्ट पारियों में एक बार भी आउट हुए बगैर 364 रन बनाए थे लेकिन इसके बाद अगली 3 पारियों में वह महज 1 रन ही बना पाए हैं। कानपुर टेस्ट की पहली पारी में वह 0 पर आउट हो गए थे।