मोहम्मद शमी
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क्रिकेट में पहले खेल भावना महत्वपूर्ण थी, अब प्रोफेशनिज्म है तो क्या पैसा खेल पर हावी हो गया है?
मोहम्मद शमी: ये सोच हो सकती है, लेकिन जो पैसा देख रहा है, वही ऐसा सोच सकता है। जिनकी नजर में आईपीएल जिंदगी सुधारने का प्लेटफॉर्म है तो बात अलग है। जिसकी प्राथमिकता भारतीय टीम के लिए खेलना है तो बात अलग हो जाती है। आपके पास हुनर है तो पैसा आपको नहीं बदल सकता। आप हुनर पर भरोसा रखेंगे तो कामयाब हो जाएंगे। जिन्होंने पैसा देखा, वो बाहर हो गए। हां, आईपीएल आया तो लोगों की जिंदगी बदली भी, लेकिन खराब भी हुई। मेरा सवाल है कि अगर आज क्रिकेट में इतना पैसा है तो उससे दोगुना फोकस आप अपने क्रिकेट पर क्यों नहीं करते?
जब बंगाल से आप खेलते हैं तो सवाल आता है कि क्या कभी राजनीति में भी जाएंगे?
मोहम्मद शमी: मैं ऐसे परिवार से हूं, जिसने हमेशा लोगों की मदद करने की कोशिश की है। देखिए, जिंदगीभर तो क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगा। कुछ न कुछ तो बनना पड़ेगा। अब देखिए समय क्या बताता है। आप कहीं भी ले जाएं, आपमें दमखम होना चाहिए कि आप लोगों का भविष्य बना सकें। बड़ा नेता बनना जरूरी नहीं है, इतना दम रखिए कि दो-चार लोगों की जिंदगी बदल सकें।
अब आप सोशल मीडिया पर भी आने लगे हैं।
मोहम्मद शमी: यह आइडिया दोस्तों का था। जहां तक हम नहीं पहुंच पाते, वहां बच्चों को सिखा सकूं। मैं भविष्य में ऐसा कुछ प्लेटफॉर्म चाहता हूं कि जहां जो बच्चे मुझ तक नहीं पहुंच सकें, वो ऑनलाइन क्लासेस के जरिए मेरी बात सुन सकें।
बच्चों को क्या संदेश देना चाहते हैं?
मोहम्मद शमी: मैं गांव से आता हूं जहां सिर्फ खेती होती है, प्रैक्टिस करने दूर जाना पड़ता है। मुझे तीन बसें बदलकर प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता था। परिवार के लोग मुझे रात को हाईवे पर लेने आते थे। जिनमें क्षमताएं हैं, वो अगर पांच-छह गांवों को मिलाकर एक अच्छी सुविधा दे सकें तो युवाओं को बड़ा मौका मिलेगा। आप ऑनलाइन भी काफी चीजें सीख सकते हैं।