लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के आदेश के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। जिसके बाद शहर में हर तरफ कर्फ्यू जैसा माहौल दिखा। घर से निकले हर शख्स को रोककर पुलिस ने पूछताछ की। वाजिब वजह न बता पाने वालों को फटकार के साथ ही पुलिस के झिड़क का भी सामना करना पड़ा। हर प्रमुख चौराहों पर फोर्स तैनात रही और आला अफसर भी लगातार गश्त करते रहे। शहर के हालात का जायजा लेने निकली अमर उजाला टीम को मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
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घर से निकले हर शख्स से पूछताछ, वाजिब कारण न बता पाने पर फटकार
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मंगलवार को लाकडाउन के दूसरे दिन बिना जांच के लोग इधर उधर नहीं जा सके।
- फोटो : Prayagraj
1.20 मिनट, चौक
लोकनाथ चौराहे पर कोठापार्चा व घंटाघर की ओर से आने वाले रास्ते बंद किए गए थे। सड़क पर ही फोर्स मौजूद थी। शहर के सबसे व्यस्त इस इलाके में इक्का-दुक्का लोग भी बड़ी मुश्किल से दिख रहे थे। उन्हें भी समझाकर पुलिसकर्मी घरों की ओर भेज दे रहे थे। नतीजा यह रहा कि यहां दूर-दूर तक सन्नाटा पसरा दिखाई पड़ता रहा।
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हर प्रमुख चौराहों पर तैनात रही फोर्स, अफसर भी करते रहे गश्त
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लाक डाउन के दौरान सिविल लाइंस में बाइक सवार को रोकते पुलिसकर्मी।
- फोटो : Prayagraj
1.28 मिनट, कोतवाली
एसपी सिटी कार्यालय के ठीक बगल कोतवाली गेट पर पुलिसकर्मी मुस्तैद मिले। यहां महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। अचानक रानीमंडी की ओर जाने वाले रास्ते से सफेद रंग की अपाचे सवार दो युवकों को आता देख पुलिसकर्मी सतर्क हो उठे और उन्हें रोक लिया। पूछने पर उनका कहना था कि वह दवा लेने जा रहे हैं। लेकिन दवा का पर्चा नहीं दिखा सके। जिसके बाद पुलिसकर्मियों की सख्ती के चलते उन्हें उल्टे पांव लौटना पड़ा।
पुलिस के साथ ही यहां ट्रैफिक पुलिस के जवान भी रहे तैनात, होती रही सघन जांच और पूछताछ
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लाक डाउन पुराने शहर के जानसेनगंज इलाके में घर से बाहर निकले लोगों से पूछ-ताछ करते पुलिसकर्मी साथ में ट्रैफिककर्मी।।
- फोटो : Prayagraj
2.36 मिनट, नखास
शाहगंज पुलिस के साथ ही यहां ट्रैफिक पुलिस के जवान भी तैनात मिले। पुलिस ने शाहगंज थाने से नखास और कोतवाली की ओर जाने वाले रास्ते को बैरियर लगाकर बंद किया था। यहां अन्य के साथ ही किराना की दुकानें भी बंद मिलीं। पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि सुबह कुछ समय के लिए किराना दुकानदारों ने दुकान खोली लेकिन फिर इन्हें बंद कर दिया गया। उधर यहां से स्टेशन जाने वाले रास्ते पर भी सन्नाटा पसरा रहा। जगह-जगह पुलिसककर्मी तैनात रहे।
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पुलिसकर्मियों ने बताया कि इमरजेंसी होने पर ही किसी को जाने की है अनुमति
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लॉकडाउन के दूसरे दिन मंगलवार को बिना जांच के लोग इधर-उधर नहीं जा सके बालसन चौराहे पर जोच करते पुलिस कर्मी।
- फोटो : Prayagraj
3.34 मिनट, पानी की टंकी
ट्रैफिक पुलिस के साथ ही यहां पीआरवी के भी पुलिसकर्मी मौजूद थे। नेहरू पार्क व धूमनगंज में कई जगह चेक प्वाइंट बने होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही न के बराबर थी। हाईकोर्ट, चौफटका व नवाब यूसुफ रोड की ओर जाने वाले रास्ते भी बंद किए गए थे। बैरियर के बीच सिर्फ दोपहिया जाने की जगह छोड़ी गई थी। पुलिसकर्मियों ने बताया कि इमरजेंसी होने पर ही किसी को जाने की अनुमति है।
लाक डाउन के दौरान रेलवे स्टेशन सिटी साइड की तरफ पसरा संनाटा।
- फोटो : Prayagraj
लक्ष्मी चौराहे से आने वाले रास्ते को बैरियर लगाकर बंद किया गया था। उधर दूसरी लेन पर आवागमन रोकने के लिए आनंद अस्पताल चौराहे के पास ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। नेतराम चौराहे की ओर से आने वाले रास्ते पर भी आवागमन बंद था। चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के साथ ही होमगार्ड तैनात किए गए थे। पेट्रोलपंप पर पेट्रोल भराने के बाद एक युवक ने लक्ष्मी चोराहे की ओर जाना चाहा तो पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। साथ ही बाइक के कागजात भी चेक किए। कुछ देर बाद युवक एसएसपी कार्यालय की ओर से चला गया।
4.33 मिनट, मनमोहन पार्क चौराहा
इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण कुमार त्यागी मयफोर्स यहां मौजूद मिले। यहां हिंदू हॉस्टल के साथ ही विज्ञान संकाय और नेतराम चौराहे की ओर से आने वाली लेन पर बैरिकेडिंग की गई थी। आने जाने का रास्ता सिर्फ आनंद अस्पताल चौराहे की ओर से था लेकिन इस पर भी आने वाले हर लोगों को रोका जा रहा था। तभी म्योहाल की ओर से आने वाले रास्ते से स्कूटी सवार दो लोग चौराहे की ओर आते दिखाई दिए। पुलिस ने रोका तो उन्होंने कटरा में जाने की बात कही। पहले तो उन्हें समझाया गया, नहीं मानने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई तब जाकर लोग माने।