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सुक्खू-वीरभद्र समर्थकों में खूनी संघर्ष की 9 तस्वीरें, पाटिल के सामने चले लात-घूंसे, कई घायल

Fri, 18 Jan 2019 10:34 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की ताजपोशी से पहले रैली में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने अनुशासन का पाठ पढ़ाया, लेकिन एक घंटे के भीतर ही पार्टी दफ्तर में आला नेताओं के सामने वीरभद्र और सुक्खू के समर्थक भिड़ गए। 
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 राठौर के पीसीसी प्रमुख की कुर्सी संभालने से पहले दोनों गुटों में हुए खूनी संघर्ष में कई कार्यकर्ता घायल हो गए। एक कार्यकर्ता को सिर में चोटें आई हैं, जिसे इलाज के लिए डीडीयू अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने घायल राजीव राणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। 
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वीरवार को चौड़ा मैदान में रैली के बाद करीब पौने चार बजे कुलदीप सिंह राठौर पदभार संभालने कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंचे। सभागार में पहुंचते ही राठौर के स्वागत में नारेबाजी हुई। पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू पहले से राठौर के स्वागत को खड़े थे।

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राठौर के मंच पर पहुंचने के बाद पाटिल और पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह भी आ गए। इसी बीच, वीरभद्र समर्थकों ने उनके जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। दूसरी ओर से सुक्खू समर्थकों ने भी नारेबाजी शुरू कर दी।
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नारेबाजी के बीच गालीगलौज शुरू हो गया। टकराव बढ़ने के साथ ही दोनोें गुटों के समर्थकों में मंच के सामने ही हाथापाई शुरू हो गई। लात-घूंसों के साथ प्लास्टिक की कुर्सियां एक-दूसरे पर फेंकी जाने लगीं।
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इसमें कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। गंभीर चोट लगने के कारण सुक्खू समर्थक राजीव राणा को शिमला के डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यह सारा घटनाक्रम प्रभारी रजनी पाटिल, राठौर, वीरभद्र और सुक्खू के सामने हुआ। 
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लगभग आधे घंटे तक इस हिंसक टकराव के बाद जैसे ही कार्यकर्ता शांत हुए तो पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मंच से उठकर चले गए। मुकेश अग्निहोत्री, आशा कुमारी, कौल सिंह ठाकुर, सुधीर शर्मा सहित अन्य नेता भी उनके साथ वहां से चले गए। पार्टी प्रभारी पाटिल इन्हें रोकती रह गईं। 

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इसके बाद रजनी पाटिल, राठौर, सुक्खू आदि ही मंच पर रह गए। काफी देर हंगामे के बाद राठौर ने पदभार ग्रहण किया। पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी आपस में मारपीट कर रहे थे तो कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल मंच से उनसे शांत होने की अपील करती रहीं, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।
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कई कार्यकर्ता मंच के पास घेरा बनाए रहे, ताकि कोई मंच की ओर कोई ऐसी चीज न फेंके, जिससे बड़े नेता चोटिल हों। मुकेश अग्निहोत्री ने भी कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की। 
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