अमीनाबाद का मुमताज मार्केट 24 घंटे तक सुलगता रहा। आग की भीषण लपटों और केमिकल भरे धुएं के आगे 500 चक्कर लगाने के बाद भी फायर बिग्रेड की 30 गाड़ियां नाकाफी साबित हुईं। फायर बिग्रेड ने हथियार डाल दिए तो राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (एनडीआरएफ) ने मोर्चा संभाला।
विज्ञापन
2 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
रविवार की रात नौ बजे तक एनडीआरएफ के सदस्य आग बुझाने में जुटे रहे, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। इस बीच 200 दुकानों में रखा करोड़ों रुपये का सामान राख हो गया। शनिवार रात नौ बजे के करीब अमीनाबाद के मुमताज मार्केट में आग लगी थी।
विज्ञापन
3 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
रविवार को भी आग पर फायर ब्रिगेड काबू नहीं पा सकी। इस बीच उन्नाव, बाराबंकी और रायबरेली समेत राजधानी की करीब 30 दमकल गाड़ियां आग पर काबू पाने की जद्दोजहद करती रहीं। फायर ब्रिगेड के पास आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
4 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
एक ही छत के नीचे बेसमेंट में बनीं दो सौ से अधिक दुकानों में भीतर लगी आग से केमिकल भरा धुआं निकलता रहा।
बेसमेंट में जाने के चारों रास्ते भी काफी तंग होने की वजह से दिक्कत हुई। शनिवार रात सबसे पहले दुकानदार गुड्डू समेत छह दुकानों में आग लगी।
विज्ञापन
5 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
सूचना के करीब पौन घंटे बाद पहुंचे दमकलकर्मियों ने दुकानों में लगी आग पर कई घंटे की मशक्कत केबाद काबू पा लिया था। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम लौट गई। आग पूरी तरह से बुझा ली जाती और उसी समय दुकानों के शटर तोड़कर देख लिया जाता तो शायद दोबारा आग न भड़क पाती।
विज्ञापन
6 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
व्यापारियों ने फायर ब्रिगेड की टीम पर लापरवाही का आरोप लगाया है।अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन दल को सूचना देने में देरी की। इस वजह से व्यापारियो को काफी नुकसान हुआ। व्यापारी आक्रोशित हैं कि एनडीआरएफ की टीम को शनिवार रात ही सूचना दे दी गई होती तो शायद कल रात ही आग को पूरी तरह से बुझाया जा सकता था।
विज्ञापन
7 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
बेसमेंट में एक फीट तक पानी भर गया था। वह भी काफी गरम हो गया था, जिसमें पैर रखना मुश्किल था। रविवार शाम चार बजे एनडीआरएफ को बुलाया गया। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर प्री रंजन की अगुवाई में 15 जवानों ने कमान संभाल ली।
8 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
उन्होंने स्मोक वेंटिलेटर की मदद से बेसमेंट में भरा धुआं निकाला, कटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर दुकानों के शटर काट भीतर घुसने के लिए रास्ता बनाया, तब जाकर आग पर काबू पाया गया। गन्ने वाली गली में रहने वाले गुड्डू की खिलौने व हुसैनगंज निवासी जीशान की आर्टिफिशियल फ्लॉवर शॉप है। इसी तरह तारिक का कुशन और पर्दे के थोक व्यवसाय का काम था।
9 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
अनीस निसार की प्लास्टिक खिलौने की दुकान है। अनस, आसिफ, अब्दुल रहमान, पंकज अग्रवाल समेत लगभग दो सौ दुकानों में करोड़ों रुपये का माल था। दुकानदारो ने बताया कि किसी की दुकान में 20 लाख तो किसी के पास एक करोड़ रुपये तक का माल था।
10 of 11
अमीनाबाद में आग
- फोटो : amar ujala
होली आनी थी तो सभी दुकानदारों ने जल्द ही नया स्टॉक मंगाया था। इस मार्केट में थोक का कारोबार ही होता था इसलिये दुकानें भी सामान से भरी रहती थीं।
संकरी गलियों में बनी मुमताज मार्केट तक पहुंचने में दमकल को काफी मुश्किल हुई। गाड़ियों को मुड़ने तक की जगह नहीं मिल पा रही थी। न ही वहां फायर हाइडेंट लगे हुए थे। रविवार को अमीनाबाद की मार्केट में भीड़भाड़ अधिक थी।