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तस्वीरें: छात्रों के पथराव से कुलसचिव का टूटा दांत, सुरक्षा गार्डों ने भी दिखाई दबंगई

Thu, 25 Oct 2018 10:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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पथराव करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में किए गए छात्रों के पथराव में अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए। इनममें कुलसचिव, चीफ प्रॉक्टर, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष व एक सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। इनका निजी नर्सिंग होम में उपचार कराया गया।



बवाल शुरू होने के समय कुलसचिव केएन सिंह खंदारी परिसर में प्रेसवार्ता में थे। वह पालीवाल पार्क पहुंचे तो छात्रों ने उन्हें घेर लिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस के सामने ही छात्रों और अधिकारियों में नोंकझोंक होने लगी।
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पथराव करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
इस पर सुरक्षा गार्डों ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। मुख्य द्वार के बाहर छात्रों व सुरक्षा गार्डों में हाथापाई हो गई। इसके बाद छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया। अधिकारी और कर्मचारी अंदर भागे।
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कुलसचिव का दांत टूट गया। - फोटो : अमर उजाला
कुलसचिव के मुंह पर पत्थर लगा, उनका दांत टूट गया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी की आंख के नीचे पत्थर लगा, वह गिर पड़े, सुरक्षा गार्ड उन्हें उठाकर कार्यालय में ले गए। चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज श्रीवास्तव के हाथ और पैर में गंभीर चोट आई है। सुरक्षा गार्ड के माथे पर चोट आई है। सभी का मेडिकल कराया गया।

छात्राओं ने कहा, हमें पीटा गया

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छात्र को पीटते सुरक्षाकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
बवाल के बाद दो छात्राओं को पुलिस हरीपर्वत थाने ले गई। दोनों ने खुद को केआरपीजी कॉलेज, मथुरा की छात्रा बताया है। उनका कहना था कि कॉलेज के कर्मचारियों और अधिकारियों ने उन्हें पीटा। 
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छात्र को पीटते सुरक्षाकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
उनकी पैरवी में महिला शांति सेना की शबाना खंडेलवाल भी पहुंच गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने छात्राओं की तहरीर नहीं ली। देर रात तक छात्राओं को हिरासत में रखा गया। उधर इंस्पेक्टर का कहना था कि इस मामले में न तो कोई तहरीर आई है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है।
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पथराव करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के अधिकारी गुरुवार को छात्रों की ओर से किए गए पथराव की घटना को प्रायोजित मान रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र-छात्राओं को उकसाया गया है। कई कॉलेजों के छात्र-छात्राएं एक साथ विश्वविद्यालय पहुंचे। ये अलग-अलग जिलों के भी थे। कुछ छात्रों के हाथों में हॉकी स्टिक थी। 
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पथराव करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
पथराव के दौरान कर्मचारियों ने एक छात्र के हाथ से हॉकी की स्टिक छीनी। कुछ और छात्रों के पास स्टिक थी। दो छात्राओं को पुलिस ने कुलसचिव कार्यालय में बैठा लिया था। वह खुद को केआरपीजी कॉलेज मथुरा की बता रही थी। उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन में अलीगढ़, हाथरस और आगरा के कॉलेजों के भी छात्र-छात्राएं शामिल थे। 

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पथराव करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय के खेलकूद परिषद के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश रावत के मुताबिक छात्र-छात्राओं के इस समय विरोध प्रदर्शन का औचित्य नहीं था। टीमें किट के साथ भेजी जा रही हैं। 23 अक्तूबर को महिला हॉकी टीम और उसके दो दिन पहले बैडमिंटन टीम को किट के साथ भेजा गया। अब 30 अक्तूबर को बास्केटबाल टीम नॉर्थ जोन खेलने जाएगी। उसके भी किट की व्यवस्था की गई है। 

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पथराव करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के महामंत्री अनिल श्रीवास्तव का आरोप है कि प्रायोजित तरीके से पथराव कराया गया है। छात्र पूरी तैयारी से आए थे। कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में देरी हो रही थी, इस पर उन्होंने खेलकूद परिषद के अध्यक्ष को कह दिया था खिलाड़ियों को किट के साथ भेजने की व्यवस्था की जाए। टीम भेजी भी जा रही थी। विरोध प्रदर्शन के लिए छात्रों को उकसाया गया है।  
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टेंडर समिति के सदस्यों ने लटकाई प्रक्रिया

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पथराव से घायल विश्वविद्यालय अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
खिलाड़ियों के किट के संबंध में विश्वविद्यालय में दो माह पूर्व टेंडर हुए थे। उसी दौरान फर्नीचर घोटाले में विश्वविद्यालय के शिक्षकों का नाम आ गया। इसको देखते हुए टेंडर समिति में सदस्य के तौर पर शामिल कुछ शिक्षकों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इससे टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इन शिक्षकों ने 16 अक्तूबर को टेंडर पर हस्ताक्षर किए हैं।

वर्क ऑर्डर अभी जारी होना है। बता दें कि, टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से नॉर्थ जोन खेलने के लिए विश्वविद्यालय की कबड्डी व शतरंज की टीमें नहीं भेजी जा रही थी। अमर उजाला में 14 अक्तूबर 2018 को खबर प्रकाशित होने के बाद चयनित टीम के खिलाड़ियों को किट के साथ भेजने की व्यवस्था बनाई गई। खिलाड़ियाें बुलाया गया था लेकिन उपस्थिति कम थी, कोरम पूरा न होने से टीमें नहीं भेजी गईं।  

सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद एके चतुर्वेदी के संबंध में लंबे समय से विवाद चल रहा था। गत दिनों हुई कार्य परिषद की बैठक में उन्हें सेवानिवृत्ति देने का निर्णय लिया गया। वह इसी माह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। 
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