क्रिकेटर युवराज की मां शबनम के बंगले का गेट गिरने से मरने वाले मासूम की मां कुंती का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बहनें बेहाल हैं। तस्वीरें।
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युवराज की मां! मेरा 'युवराज' तो छिन गया, मेरी बच्चियां भी बेहाल
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युवराज सिंह की मां के घर में बच्चे की मौत
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि पंचकूला के सेक्टर-4 में एमडीसी पावर हाउस के समक्ष क्रिकेटर युवराज सिंह की माता शबनम का बंगला है। इस बंगले में पिछले काफी समय से निर्माण कार्य जारी है। यहां बुधवार देर शाम को लोहे का भारी-भरकम गेट गिरने से जख्मी हुए राजकीय विद्यालय में चौथी कक्षा के विद्यार्थी आठ वर्षीय कुलदीप ने इलाज के दौरान मनीमाजरा अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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युवराज सिंह की मां के घर में बच्चे की मौत
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मां कुंती और दोनों बहने पूजा और आरती अपने भाई कुलदीप की मौत से गहरे सदमे में हैं। उत्तर प्रदेश कानपुर उन्नाव के लबानी क्षेत्र से वह पंचकूला रोजी रोटी कमाने के लिए आए थे। पावर हाउस के पीछे झुग्गी बनाकर रहते हैं। यहीं से रोजाना कुलदीप स्कूल में पढ़ने जाता था, लेकिन आज नहीं गया। आज पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बिलखते हुए कुंती लगातार यही पुकार रही थी कि कोई मेरा लाल लौटा दो।
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युवराज सिंह की मां के घर में बच्चे की मौत
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भले लापरवाही के चलते एक मजदूर परिवार के कुल का दीपक बुझा गया हो, लेकिन संबंधित थाना प्रभारी राजेश कुमारी और मामले के जांच अधिकारी एएसआई कृष्ण कुमार इस घटना महज एक हादसा बता रहे है। संभव यह भी है कि दबाव या किन्हीं अन्य कारणों से पीड़ित पक्ष खुलकर सामने ना आए, मगर जिस वजह से नन्हें कुलदीप की दर्दनाक मौत हुई, वे हालात स्पष्ट तौर पर जानलेवा और घोर लापरवाही की गवाही दे रहे हैं।
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जो लोहे का गेट आठ साल के मासूम के हिलाने भर से गिर गया था। उस गिरे हुए गेट को अगर चार लोग भी हिलाना चाहें तो लाजिमी तौर पर वे विफल साबित होंगे। क्योंकि गेट का वजन कई क्विंटल बताया गया है। गेट का आधा हिस्सा जहां मजबूत प्रबंध करके कोठी पर टिका है, वहीं इसका बड़ा हिस्सा बगैर किसी मजबूत प्रबंध के खड़ा किया गया था। ये स्थिति भले पुलिस को नजर नहीं आई, लेकिन जिसने भी गिरे हुए गेट के हालात देखे उसने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं।