एशियन चैम्पियनशिप तो कुछ भी नहीं, इससे पहले सिर्फ 10 सेकेंड में ही वो एक एक ऐसा कारनामा कर चुकी, जिसके कारण अनोखा इतिहास बन गया था।
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साक्षी मलिक
रियो ओलंपिक में 12 दिन से पदक के लिए भारत तरस रहा था कि 17 अगस्त के दिन पहलवान साक्षी मलिक ने कमाल कर दिखाया। हरियाणा के रोहतक की 23 वर्षीय पहलवान साक्षी मलिक ने महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में भारतीय चुनौती पेश की और कांस्य पदक जीता। साक्षी ने रिपचेज राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए किरगिस्तान की पहलवान को मात दी।
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साक्षी मलिक
पहले हॉफ में साक्षी 0-5 से पिछड़ गई थीं, लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने बेहतरीन वापसी करते हुए मुकबला 5-5 की बराबरी पर आ गया। अंतिम समय में उन्होंने 2 अंक बटोरते हुए इतिहास रच दिया। और भारत को रियो में पहला कांस्य पदक दिला दिया। इससे पहले साल 2008 में बीजिंग ओलंपिक में भी सुशील कुमार ने रिपचेज राउंड में जीत दर्ज करके भारत को कुश्ती में कांस्य पदक दिलाया था।
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साक्षी मलिक
- फोटो : getty
दिन की शुरुआत साक्षी ने बेहतरीन तरीके से की और क्वालीफायर्स में माल्डोवा की पहलवान को हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तकनीकी अंकों के आधार पर मारियाना चेर्डिवारा को हराया। दोनों के 5-5 अंक थे लेकिन लगातार चार अंक अर्जित करने के कारण साक्षी को विजेता घोषित किया गया।
इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्हें रुसी पहलवान से 1-3 के अंतर से मात मिली। लेकिन बाद में रुसी पहलवान फाइनल में पहुंच गईं ऐसे में उन्हें रेपलचेज राउंड में पहुंचने का मौका मिल गया। रिपल चेज रउंड के पहले मुकाबले में साक्षी ने मंगोलिया की महिला पहलवान को 12-3 के अंतर से मात दी। और किरगिस्तान के पहलवान के सामने कांस्य पदक मुकाबले के लिए पहुंचीं और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।