देश की तरक्की के लिए इस इंटरनेशनल पहलवान ने एक आइडिया दिया है। इस आइडिए को अब देश की जनता खूब सराह रही है, आप भी जानिए क्या है वो?
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Geeta Phogat
- फोटो : Instagram
इंटरनेशनल पहलवान गीता फोगाट ने भारत की तेजी से बढ़ती जनसंख्या चिंताजनक है। देश के संसाधन लगातार घट रहे हैं। अगर देश की आबादी पर नियंत्रण पाना है तो पहल लोगों को ही करनी होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
गीता फोगाट ने देशवासियों से अपील की कि अगर परिवार में दो लड़के हैं तो एक लड़की गोद ले लेनी चाहिए। अगर एक ही बच्चा चाहते हैं और वो बेटा हो जाए तो एक बेटी गोद ले लो।
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- फोटो : File Photo
विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यह संकल्प लिया कि वह सिर्फ दो ही बच्चे पैदा करेंगी। गीता ने कहा कि पूरा परिवार इस फैसले में मेरे साथ है। इसलिए शपथ लेती हूं कि दो ही बच्चे पैदा करुंगी।
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उधर, गीता के पिता और द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर फौगाट ने कहा है कि जनसंख्या वृद्धि एक घातक समस्या है और हर नागरिक को इस बारे में सोचने की जरूरत है। लाड़ो (गीता फौगाट) ने इसे देखते हुए दो बच्चे ही पैदा करने का जो फैसला लिया है उस पर मुझे फक्र है।
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महाबीर फौगाट ने कहा कि हम दो-हमारे दो का नारा तो सरकार पहले ही दे चुकी है लेकिन अब चीन की तर्ज पर भारत में भी इस दिशा में सख्त कानून बनाकर लागू करने की जरूरत है। अगर सरकार ऐसा कोई कानून लागू करती है तो देश की उन्नति में यह रास्ता अवश्य प्रशस्त करेगा।
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फौगाट ने कहा कि आज के समय में अगर कोई बेटा-बेटी में फर्क समझता है तो वह सबसे मूर्ख आदमी है। बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है और यह बात गीता-बबीता सहित देश की अन्य बेटियों ने सच भी कर दिखाई है
वहीं गीता की मां दयाकौर ने कहा कि पुराने समय में लोग जागरूक नहीं थे। यही कारण है कि समाज के डर से बेटे की लालसा में चार बेटियां पैदा कर दीं, लेकिन अब युवा पीढ़ी जागरूक है और अपना ही नहीं समाज का भला-बुरा सोचती है। गीता ने भी यह सही फैसला लिया है।