अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले से भले ही दहशत का माहौल हो लेकिन बाबा के भक्तों में जरा भी खौफ नहीं है।
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आतंकियों का हमला
- फोटो : ANI
चंडीगढ़ से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि आतंकी चाहे जितनी कोशिश कर लें बाबा के भक्त कामयाब नहीं होने देंगे। श्रद्धालुओं में डर पैदा करने के लिए आतंकी ऐसी कायराना हरकतें कर रहे हैं। हम किसी भी कीमत पर अपनी यात्रा कैंसल नहीं करेंगे।
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नायगाम
- फोटो : ANI
आतंकी हमले के बावजूद ट्राइसिटी के परिवारों को बाबा पर पूरी आस्था है। यहां से कई परिवारों के सदस्य इस समय यात्रा पर हैं। परिवार के लोगों को अपनों की चिंता तो है लेकिन उन्हें भरोसा है कि बाबा उनकी रक्षा करेंगे।
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आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले जत्थे ने भरी हुंकार
चंदनबाड़ी से अमर उजाला को फोन पर मनीमाजरा के अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि दो दिनों तक यात्रा कम होने से यात्रियों की संख्या कम रही। वे लौटने वाले थे लेकिन जब शांति होगी तभी वे चंदनबाड़ी से चलेंगे। हालांकि यहां वे एकदम सुरक्षित हैं।
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AMARNATH YATRA 2017
- फोटो : Amar Ujala
बालटाल से चंडीगढ़ के लिए 42 लोगों का जत्था चला है। सभी यात्री श्रीनगर में होटल में ठहरे हैं। मंगलवार को फ्लाइट में बैठकर श्रीनगर से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। गौरी शंकर सेवादल के प्रधान रमेश कुमार निक्कू का कहना है कि यह कायराना हरकत है। सरकार कठोर कार्रवाई करे। आतंकियों का कोई धर्म नहीं है।
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amarnath yatra
- फोटो : FILE PHOTO
शिव पार्वती सेवादल के प्रधान रजिंदर सिंह सावंत ने बताया कि वे बालटाल में सेवा में लगे हुए हैं। बालटाल में सब कुछ ठीक है। यहां पर किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। लंगर चल रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले हमें डरा नहीं सकते।
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हमले से डरे श्रीनगर के टैक्सी वाले
हमले के बाद श्रीनगर से टैक्सी वालों का चंडीगढ़ के यात्रियों को फोन आया कि वे श्रीनगर न आएं। स्थिति ठीक नहीं है।
शिव पार्वती सेवादल के सलाहकार राजेंद्र कुमार का कहना है कि वे 13 जुलाई को अमरनाथ के लिए प्रस्थान करेंगे। उनके साथ 20 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे हैं। सेक्टर-19 से महिंदर पाल राजू, बीएस चौधरी, अजेश आर्या आदि ने बताया कि अमरनाथ यात्रा पर जाने का प्लान तमाम आशंकाओं को देखते हुए ही बनाया था। आतंकियों ने दहशत फैलाने के मकसद से जो हरकत की है, उसका मुंहतोड़ जवाब यही होगा कि भारी संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ की गुफा में पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन करें।