दिल की बीमारी ऐसी है, जिसकी रोकथाम की जा सकती है। रेगुलर चेकअप इसमें मददगार साबित होता है। इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं। सांस फूली तो उसे इग्नोर कर दिया। छाती में दर्द हुआ तो गैस का बताकर अजवाइन चबा ली। जबकि ये सब हार्ट की बीमारी के शुरुआती लक्षण होते हैं। पीजीआई के डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास अधिकतर केस देरी से आते हैं, लेकिन तब तक मरीजों के हार्ट को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। 29 सितंबर को विश्व हार्ट दिवस मनाया जाता है। आइए इस उपलक्ष्य में जानते हैं कि हार्ट को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है-