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शतरंज का खिलाड़ी था, पर 7 साल खेत में प्रैक्टिस कर बन गया क्रिकेट का 'धुरंधर', अब वर्ल्ड कप खेलेगा

Tue, 16 Apr 2019 11:08 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
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युजवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
इंटरनेशनल लेवल पर शतरंज खेलता था और आज क्रिकेट की दुनिया का 'धुरंधर' है। कभी खेत में प्रैक्टिस किया करता था, आज वर्ल्ड कप खेलने जा रहा है। जानिए कौन है और उनके बारे में सब कुछ।
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युजवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
हम बात कर रहे हैं, वर्ल्ड कप 2019 के लिए टीम इंडिया में चुने गए बॉलर युजवेंद्र चहल की, जो हरियाणा के जींद से ताल्लुक रखते हैं। युजवेंद्र चहल का करियर चेस बोर्ड से शुरू हुआ था। चेस में चहल एशियन और वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनका नाम फिडे (FIDE) की ऑफिशल साइट पर भी है और उन्हें साइट पर रेटिंग भी जबरदस्त मिली थी।
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यजुवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
चेस में महारथ होने के चलते युजवेंद्र चहल मानसिक रूप से काफी मजबूत हैं और विरोधी की चाल को समय से पहले ही बखूबी समझ जाते हैं। चहल खुद इस बात को मान चुके हैं कि चेस के कारण उन्हें विरोधी खिलाड़ी के खिलाफ रणनीति बनाने और उसे वापस पवेलियन पहुंचाने में बहुत मदद मिलती है। वे बल्लेबाज से एक कदम आगे बने रहने की कोशिश करते हैं।

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युजवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
युजवेंद्र चहल का चयन वर्ल्ड कप टीम में होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। पिछले तीन साल से युजवेंद चहल गजब की फॉर्म में हैं और इस वजह से ही वे इंडिया टीम का अहम हिस्सा बने हैं। युजवेंद्र के पिता केके चहल ने बताया कि बेटे का चयन विश्व कप के लिए हो गया, इससे बड़ी खुशी और क्या होगी। उसने इस मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।
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युजवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
युजवेंद्र चहल 28 साल के हैं। उनके पिता के के चहल वकील हैं और मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। युजवेंद्र की दो बड़ी बहनें हैं, जो ऑस्ट्रेलिया में बस गई हैं। युजवेंद्र ने डीएवी पब्लिक स्कूल जींद में प्राथमिक स्कूली शिक्षा प्राप्त की है। युजवेंद्र क्रिकेट से पहले शतरंज के खिलाड़ी थे। उन्होंने अंडर-12 की नेशनल चैंपियनशिप जीती है। वह अंडर-16 नेशनल चेस चैंपियनशिप का भी हिस्सा भी रह चुके हैं।
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युजवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
युजवेंद्र क्रिकेट भी पसंद करता था, इसलिए उसने क्रिकेट खेलने का मन बनाया। चहल की मां ने बताया कि युजवेंद्र का पढ़ाई में मन नहीं लगता था। उसने क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई तो हमने उसका पूरा साथ दिया। पिता ने 2004 में युजवेंद्र के लिए डेढ़ एकड़ खेत में पिच तैयार करवाई, वहीं से उसने प्रैक्टिस शुरु की। 2011 तक युजवेंद्र ने खेत में ही प्रैक्टिस की। इसी दौरान चहल का अंडर-19 टीम में चयन हो गया।
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युजवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
2009 में अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने सर्वाधिक 34 विकेट लिए थे। इसके बाद युजवेंद्र का इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का सफर शुरू हुआ। 2011 में चैंपियन्स लीग टी20 के लिए मुंबई इंडियंस की टीम में युजवेंद्र को जगह मिली और शानदार प्रदर्शन किया। 2016 को जिम्बांबे के खिलाफ चहल ने अपने वन डे मैच का सफर शुरू किया। चहल टी-20 क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाले क्रिकेटर भी बने।
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यजुवेंद्र चहल - फोटो : फाइल फोटो
युजवेंद्र की मां ने बताया कि उनके बेटे को राजमा-चावल व लहसुन की चटनी बहुत पसंद है। खाने में वह दोनों समय लहसुन की चटनी जरुर खाता है। वह दूध पीने से भी कभी मना नहीं करता। युजवेंद्र पहले अंडा तक नहीं खाता था, लेकिन कोच ने मसल्स प्रॉब्लम बताकर नॉनवेज खिलाना शुरू कर दिया।
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