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अब तक का सबसे बड़ा खुलासा: नेपाल नहीं, 20 सितंबर तक यहां छुपी थी हनीप्रीत

Wed, 27 Sep 2017 09:18 AM IST
हितेश चतुर्वेदी/अमर उजाला, सिरसा(हरियाणा)
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ram rahim
राम रहीम की हनीप्रीत पर अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि हनीप्रीत नेपाल नहीं यहां छुपी हुई थी, देखिए
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Ram Rahim
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत कौर 20 सितंबर तक राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित गुरुसर मोडिया डेरे में थी। इसके बाद वह डेरामुखी के करीबी चालक राकेश भाई के साथ कहीं चली गई।
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फाइल
इसका खुलासा डेरामुखी की बेटी चरणप्रीत कौर ने 20 सितंबर को गुरुसर मोडिया डेरे में पूछताछ के लिए पहुंची एसआईटी की टीम से किया था। चरणप्रीत कौर ने एसआईटी को यह भी बताया था कि उसने ही हनीप्रीत को डेरे में छिपने में मदद की थी। 

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फाइल
इसके बाद एसआईटी चरणप्रीत को गिरफ्तार करने लगी तो डेरामुखी के परिजनों ने उसे यह कहकर गिरफ्तार नहीं करने दिया कि वह जांच में मदद करेगी। एसआईटी सूत्रों के अनुसार, 21 सितंबर को चरणप्रीत कौर अपने वकील के साथ एसआईटी से पंचकूला में मिली। 
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Ram Rahim With Honeypreet Insan - फोटो : File Photo
इस दौरान एसआईटी ने चरणप्रीत से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में चरणप्रीत ने बताया कि 25 अगस्त देर रात हनीप्रीत रोहतक से सिरसा डेरे में पहुंची थी। डेरा चेयरपर्सन विपसना ने उसे रोहतक से लाने के लिए गाड़ी भेजी थी। 28 अगस्त तक हनीप्रीत सिरसा डेरे में रही। 
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राम रहीम हनीप्रीत - फोटो : social media
28 अगस्त को डेरा प्रमुख का परिवार गुरुसर मोडिया डेरा चला गया और हनीप्रीत अपने भाई साहिल तनेजा की रिश्तेदारी में हनुमानगढ़ चली गई। 29 अगस्त को चरणप्रीत ने हनीप्रीत को गुरुसर मोडिया लाने के लिए डेरामुखी के वफादार सेवादार चालक राकेश भाई को हनुमानगढ़ भेजा।
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Honeypreet Insan - फोटो : File Photo
राकेश के साथ डेरामुखी का भरोसेमंद सुरक्षा गार्ड भी गया था। दोनों हनीप्रीत को हनुमानगढ़ से गुरुसर मोडिया लेकर आए। तब से हनीप्रीत गुरुसर मोडिया में रह रही थी। 
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हनीप्रीत - फोटो : SOCIAL MEDIA
विपसना को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने की जरूरत नहीं
डेरा चेयरपर्सन विपसना को पंचकूला एसआईटी ने पूछताछ के सिलसिले में नोटिस नहीं भेजा है। पंचकूला के एसीपी ट्रैफिक मुनीश सहगल ने साफ किया है कि 25 अगस्त को डेरामुखी के काफिले में शामिल गाड़ियों की सूची और काफिले में गए लोगों के बारे में विपसना से जानकारी मांगी गई है। विपसना चाहे तो ईमेल से जानकारी भेज सकती है। अगर जानकारी संतोषजनक नहीं मिलती है तो उसे व्यक्तिगत रूप से जांच में शामिल होना पडे़गा।
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