अगर आपके पास जरूरत से अधिक कोई भी समान है, तो आप दे जाएं। अगर आपको जरूरत है, तो यहां से ले जाएं। किसी से भी कुछ पूूछने की जरूरत नहीं है, और न ही कोई आपको रोकने वाला है।
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wall of kindness
अमृतसर के कैंट एरिया में ऐसा ही एक वॉल ऑफ काइंडनेस सेंटर खोला गया है। यहां गरीबों और अमीरों के बीच का भेदभाव नहीं है। न ही मजहब का कोई वास्ता।
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जी हां, श्री गुरू रामदास की नगरी अमृतसर में यह सेंटर लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है। वहीं सरबत दा भला... का संदेश भी दे रहा है। यहां पर लोग पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, कंबल-रजाई से लेकर वो सभी सामान छोड़ जाते हैं, जो उनके पास जरूरत से ज्यादा हैं। ऐसे लोग यहां से वो सामान ले जाते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत है।
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यह सेंटर केंटोनमेंट बोर्ड के कुछ पदाधिकारियों ने खोला है। कैंट एरिया में यह सेंटर पिछले कुछ ही दिनों में गरीबों के लिए मददगार बन गया है। वहीं अमीरों के लिए दान देने का सबसे बेहतर जरिया भी साबित हो रहा है। यह सेंटर पहली अप्रैल 2017 को कैंटोनमेंट बोर्ड ने शुरू किया
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बोर्ड के उपप्रधान रमेश कुमार कहते हैं कि यह सेंटर खोलने के पीछे उनका उद्देश्य यही है कि जरूरतमंद लोगों तक जरूरत का सामान पहुंचे। लोग यहां बच्चों के जन्मदिन पर फल, बिस्कुट, टॉफी से लेकर कपड़े और घर के पुरानी चीजें छोड़ जाते हैं। वहीं जिसे तो भी जरूरत होती है, वो यहां से ले जाते हैं।
इस सेंटर में पुरानी चीजें दान करने वाले अक्सर दिन में आते हैं और मजबूर लोग रात में। यह सेंटर दिन-रात चलता है। फुटपाथ पर खोला गया यह सेंटर में न ताला लगता है और न ही कोई रखवाली करता है। दिन में भी ग्रामीण इलाकों से लोग आते हैं और जो उन्हें जरूरत है, उसे ले जाते हैं। हालांकि आने वाले दिनों में इस सेंटर में आने वाले कपड़ों को धोकर प्रेस करके सलीके से रखने के लिए बोर्ड निजी पैसों से दो लोगों को रोजगार देने जा रहा है।