पंजाब विधानसभा चुनाव में इस बार ईवीएम के साथ एक और मशीन देखने को मिलेगी। इस मशीन से लोगों को बड़ा फायदा होगा, देखिए
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Voter-verified paper audit trail
- फोटो : अमर उजाला
मतदाता-सत्यापित पेपर ऑडिट ट्रायल यानि वीवीपीएटी। यह खास मशीन 23 फरवरी 2016 को चर्चा में आया था क्योंकि इसके द्वारा मतदाता चुनावों के प्रति अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा सकते हैं।
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वीवीपीएटी एक स्वतन्त्र सत्यापन (Independent verification) सिस्टम प्रदान करती है जिसके तहत मतदाता इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) द्वारा वोट किये जाने के बाद अपने मत की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
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इसमें इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के साथ एक प्रिंटर जैसी मशीन लगाई जाती है जो वेरिफिकेशन रसीद जारी करती है जिसपर क्रमांक, नाम, प्रत्याशी का नाम एवं चुनाव चिन्ह अंकित होगा। इससे यह सत्यापित किया जा सकेगा कि मतदाता द्वारा उसकी इच्छानुसार ही मतदान दर्ज हुआ है।
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इस मशीन की खासियत ये है कि इससे मतदाता गलत मतदान की स्थिति में आवाज़ उठा सकता है। नए नियमों के अनुसार, बूथ ऑफिसर मतदाता द्वारा किये गये मतदान की गिनती रखेगा एवं उसे वोट गिनती के समय ही खोला जायेगा।
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रसीद के एक बार देख लिए जाने के बाद दुर्लभ से दुर्लभ हालात में ही मतदान अधिकारी द्वारा देखा जा सकेगा। यानि मतदाता ने किस पार्टी को वोट दिया है यह बिल्कुल ही प्राइवेट रहेगा।
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वीवीपीएटी का विचार 4 अक्टूबर 2010 को आल पार्टी मीटिंग के दौरान रखी गयी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने चुनाव नियम, 1961, की आचार संहिता में संशोधन करके इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ वीवीपीएटी का उपयोग करने के लिए अधिसूचना जारी की।
पहली बार वीवीपीएटी मशीन का उपयोग नागालैंड में सितंबर 2013 को तुएनसांग जिले में नोक्सेन विधानसभा सीट के लिए हुए मतदान के दौरान किया गया था लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव में पहली बार इस मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा।