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अनोखा गांव, यहां पैदा होने वाले बनते हैं सिर्फ मंत्री या जज

Thu, 16 Feb 2017 07:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : File Photo
इस गांव का इतिहास अपने आप में बेहद अनोखा है। यहां पैदा होने वाले या तो मंत्री बनते हैं या फिर जज... यकीन नहीं होता तो जानिए पूरा सच।
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
ये है रेवाड़ी जिले का गांव बूढ़पुर। ‘वह नामी गांव बूढ़पुर कहिए, जहां जज और मिनिस्टर रहते हैं’। ये कहावत छह दशक से अहीरवाल में चली आ रही है। इस कहावत से बूढ़पुर गांव की प्रसिद्धि साफ झलकती है। दरअसल संयुक्त पंजाब में अहीरवाल के प्रथम विधायक राव मोहर सिंह एवं उनके भाई न्यायाधीश श्योप्रसाद इसी गांव से रहे हैं। उसे के बाद से यह कहावत आज तक लोगों की जुबान पर है।
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित बेरली की ओर जाने वाले इस बूढ़पुर गांव की आबादी करीब छह हजार है। गांव में करीब 1700 वोटर हैं। अधिकांश युवा वर्ग की आबादी वाले इस गांव का इतिहास अपने आप में अनोखा है। इस छोटे से गांव ने अहीरवाल को चार विधायक दिए हैं। जिनमें राव मोहर सिंह, राव महावीर सिंह, राव नरबीर सिंह और राव विजयवीर सिंह शामिल हैं। इनमें से राव नरबीर सिंह आज राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं।

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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
बूढ़पुर गांव का शिक्षा का स्तर बहुत उच्च है। गांव में स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल 1968 से स्थापित है। उस समय दूर-दूर से लोग इस स्कूल में पढ़ने आते थे। राव मोहर सिंह ने पूरे अहीरवाल में कई शिक्षा सोसाइटी का गठन किया। इसके अतिरिक्त गांव में बालिका शिक्षा पर भी काफी जोर है। आज गांव की कई लड़कियां एवं बहुएं विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी कर रही हैं। इस छोटे से लोग हर क्षेत्र में सेवा दे रहे हैं। चाहे व निजी हो या सरकारी। गांव के ही ब्रह्मानंद मध्यप्रदेश में आईजी हैं। सेना में कर्नल नरपाल यादव भी इसी गांव से हैं। इसके अतिरिक्त गांव में कई पटवारी और शिक्षक देखे जा सकते हैं।
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
बाबा धूणीदास का मंदिर आस्था का केंद्रः गांव में स्थित बाबा धूणीदास का मंदिर आसपास के क्षेत्र में आस्था का केंद्र है। टायफाइड होने पर लोग यहां आकर झाड़ा लगवाने आते हैं। कहा जाता है कि झाड़ा लगवाने के बाद मरीज बिल्कुल ठीक हो जाता है। आर्मी में शिक्षक रह चुके लेफ्टिनेंट भरत सिंह ने बताया कि गांव के ही जगराम बीएसएफ में कमांडेंट हैं, उन्हें राष्ट्रपति अवार्ड तक मिल चुका है।
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
पंचायत में होता था समाधानः गांव के सरपंच हुक्मचंद ने बताया कि हमारा गांव शुरू से ही शांतिप्रिय रहा है। उनके दादा दौलतराम गांव के पहले सरपंच रहे हैं। पहले गांव में कोर्ट-कचहरी कोई नहीं समझता था। सभी छोटे-मोटे झगड़े गांव में मिल-बैठकर सुलझा लिए जाते थे। आज भी गांव में हुक्का पानी की प्रथा है। गांव में लोग एक-जगह बैठकर हुक्का के सहारे से आपस में चर्चा करते दिख जाते हैं।
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर
राजनीति में पूरा दखलः गांव का प्रदेश की राजनीति में पूरा दखल रहा है। चाहे संयुक्त पंजाब की बात करें या फिर उसके बाद की। सूबे के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह इसी गांव से सूबे की राजनीति करने वाले तीसरे जनप्रतिनिधि हैं। अब गांव की चौथी पीढ़ी भी राजनीति में उतर चुकी  है। वार्ड नौ के पार्षद सन्नी यादव ने गत दिनों बूढ़पुर में सीएम की एक बढ़ी रैली कर अपने भविष्य की राजनीति के संकेत दे दिए हैं। इसी से समझा जा सकता है कि यह गांव राजनीतिक रूप से कितना शक्तिशाली है।

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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर
जोहड़ हैं सूखेः गांव का पानी बिल्कुल खारा है। पीने के लिए मीठे पानी की बहुत बड़ी समस्या है। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार गांव में अगले वर्ष 33 करोड़ रुपये की लागत से बूस्टिंग स्टेशन और आरओ प्लांट लगेगा। जिसके बाद गांव में पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने व्यायामशाला, ग्राम सचिवालय और 51 लाख रुपये की लागत से गांव का विकास कराने की घोषणा की है।
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
लिंगानुपात में बढ़ोतरी के प्रयासः सब कुछ ठीक होने के बाद भी गांव में लिंगानुपात बहुत कम है। आंगनबाड़ी से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल में 84 लड़कों के मुकाबले 59 लड़कियां पैदा हुई हैं। इसके बाद भी गांव के सरकार की ओर चलाई जा रही इस मुहिम के साथ हैं।
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