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देखें चंडीगढ़ की ये तस्वीरें: मास्क न सीट बेल्ट...सुरक्षित शारीरिक दूरी भी गायब, कार में थिरकते पुलिसवालों का वीडियो वायरल

Wed, 02 Jun 2021 01:44 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बिना मास्क पहने कार में थिरकते पुलिसवाले। - फोटो : सोशल मीडिया
पंजाबी गीत ‘चढ़ गई ओये शराटे नाल’ पर कार में थिरकते पांच पुलिसवाले। न चेहरे पर मास्क, न सुरक्षित शारीरिक दूरी का ख्याल। और तो और सीट बेल्ट तक नहीं लगाई। चंडीगढ़ पुलिस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो अधिकारी हरकत में तो आए लेकिन दोबारा ऐसा न करने की हिदायत देकर छोड़ दिया। 

एक मिनट 19 सेकेंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही चर्चा में आ गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गाड़ी की अगली सीट पर बैठे चालक और उसके बगल में बैठे पुलिसकर्मी ने न तो मास्क पहना है और न सीट बेल्ट। पिछली सीट पर तीन और पुलिसकर्मी बिना मास्क के बैठे हैं। वीडियो के साथ एक संदेश भी वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि बिना मास्क के और तीन से अधिक पुलिसकर्मी दारू पीकर गाड़ी में इंजॉय कर रहे हैं।

अधिकारियों के संज्ञान में जैसे ही यह मामला आया तो जांच की गई। पता चला कि यह पुलिसकर्मी सारंगपुर थानाक्षेत्र में तैनात हैं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि एक इंस्पेक्टर की सेवानिवृत्ति पर खुशी मना रहे थे। इसके बाद उच्च अधिकारी ने उन्हें आगे से ऐसा न करने की नसीहत देकर छोड़ दिया। 
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ड्राइवर ने नहीं पहना सीट बेल्ट, पुलिसकर्मी भी बिना मास्क। - फोटो : सोशल मीडिया
मेडिकल में शराब की पुष्टि नहीं
एसपी सिटी केतन बंसल ने पूछने पर बताया कि पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाया गया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। 
वायरल वीडियो में दिख रहे इन पुलिसकर्मियों की तैनाती सारंगपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत धनास में है, जो एक इंस्पेक्टर के रिटायरमेंट की खुशी में एंजॉय कर रहे थे। फिलहाल इन सभी को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। इन लोगों का बिना मास्क और सीट बेल्ट का चालान काटा जाएगा। मेडिकल में इनके शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है।  -केतन बंसल, एसपी सिटी, चंडीगढ़।
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साहब! आपसे जनता डरती होगी, महामारी नहीं। - फोटो : सोशल मीडिया
आम आदमी के पकड़े जाने पर इन धाराओं में दर्ज होता केस
अक्सर देखा गया है कि पुलिस इस तरह से लोगों को पकड़ने पर उसकी एक नहीं सुनती। बल्कि उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 (डीसी के नियमों का उल्लंघन करना) या कई बार तो 269, 270 (जानबूझकर बीमारी फैलाना) की धारा भी जोड़ देती है। लेकिन इस केस में पुलिस विभाग का रवैया बिल्कुल उलटा दिखा। कार्रवाई करने के बजाय हिदायत देकर छोड़ दिया गया। 

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गले पर नहीं, मुंह पर होना चाहिए मास्क। - फोटो : सोशल मीडिया
इनके तहत कट सकता था चालान
  • गाड़ी में ऊंची आवाज में म्यूजिक बजाते हुए पकड़े जाने पर एक हजार रुपये का चालान
  • बिना सीट बेल्ट के पकड़े जाने पर एक हजार का चालान
  • बिना मास्क के पकड़े जाने पर पुलिस एक हजार का चालान करती है
  • सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाने पर 500 रुपये का चालान 
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पहले भी वायरल होते रहे हैं ऐसे वीडियो

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खुद के लिए नहीं तो कम से कम अपनों के लिए मास्क पहन लेते। - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि यूटी पुलिस के कारनामे के वीडियो सोशल मीडिया पर पहले भी वायरल होते रहे हैं। बावजूद इसके पुलिस विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई के बजाय सिर्फ इंक्वायरी मार्क कर पल्ला झाड़ लेती हैं। हाल ही में वायरल एक वीडियो में पीसीआर में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर दो बुजुर्गों को पीटने का आरोप लगा था। वीडियो में बताया गया था कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में बिना वजह इन्हें पीट रहे थे। उच्च अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि केस की जांच की जा रही है।  

चालक समेत तीन की अनुमति, कार में सवार थे पांच पुलिसकर्मी
यातायात पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते यातायात पुलिस विभाग ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सामाजिक दूरी के चलते कार में चालक समेत तीन लोगों के बैठने की अनुमति दी गई थी। यह नियम अभी तक लागू है। जबकि इस कार में चालक समेत पांच पुलिसवाले सवार हैं।
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