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Valentine's Day: लड़की दिव्यांग, पर वो करता इतना प्यार...गोद में उठाकर लिए 7 फेरे, दिलकश तस्वीरें

Sun, 10 Feb 2019 04:28 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रेम कहानी
लड़की दोनों पैरों से दिव्यांग है, पर वो इतना प्यार करता है कि उसे गोद में उठाकर सात फेरे ले लिए। वैलेंटाइन डे के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं, एक ऐसी प्रेम कहानी जो आपका रोम-रोम प्यार की खुशबू से महका देगी।
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प्रेम कहानी
प्रेम भावना और समर्पण का जीता-जागता उदाहरण है ये लव स्टोरी, इलाज कराते समय युवक को दिव्यांग युवती से प्यार हुआ, और उसने उसे गोद में उठाकर सात फेरे ले लिए। हरियाणा के हिसार नवासी युवक ने अपने माता-पिता के विरोध के बावजूद दिव्यांग प्रेमिका से शादी रचा ली।
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प्रेम कहानी
कुम्हरान मोहल्ला निवासी अमित 10वीं पास है और वेल्डिंग का काम करता है। वहीं लड़की रानू बीए-बीएड पास है और दिव्यांग है, उसके हाथ व पैर काम नहीं कर रहे। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने बुधवार को सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट में प्रेम विवाह रचा लिया।

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प्रेम कहानी
अमित ने कहा कि इस फैसले से उसके माता-पिता खुश नहीं थे, लेकिन यह फैसला उसने और रानू ने मिलकर लिया है। क्योंकि उनको जिंदगी बितानी है और दोनों अपने फैसले से खुश हैं। अमित ने बताया कि वह वेल्डिंग का काम करता है। इसी काम से एक बार वह सेवक सभा अस्पताल में वेल्डिंग करने गया था। वहां पर रानू दाखिल थी, जिसके पास उसकी मदद के लिए कोई नहीं था, क्योंकि उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी।
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प्रेम कहानी
ऐसे में इंसानियत के नाते वह उसकी देखरेख के लिए अस्पताल में रुक गया और लगातार उसकी देखभाल करने लगा, इससे वह ठीक हो गई। बाद में वह उसे अन्य कई स्थानों पर भी चेकअप के लिए लेकर गया। इसी दौरान दोनों के बीच प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया। सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्यों ने रामा कांप्लेक्स परिजात चौक स्थित कार्यालय में एक सादे समारोह में दोनों की शादी को संपन्न कराया।
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couple end marriage - फोटो : Social Media
यह अपने आप में एक अनोखी शादी रही और इसे ट्रस्ट द्वारा संपन्न कराया गया। प्रेम विवाह का असली उदाहरण प्रस्तुत करते हुए लड़के अमित व लड़की रानू ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया है, जो सराहनीय है। लड़की के माता-पिता नहीं हैं और अमित ने लड़की के दिव्यांग होते हुए उसका सहारा बनकर हिम्मत का काम किया है।  
- संजय चौहान, चेयरमैन, सनातन धर्म चैरिटेबल ट्रस्ट

 
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