पंजाब के लालडू में मोहाली जिला परिषद के पूर्व उप चेयरमैन गुरविंदर सिंह बसोली की मां बीबी हरजीत कौर की तमन्ना थी कि वे अपने पोते को जहाज में ब्याह कर लाएंगी। उनकी मौत के 19 साल बाद बसोली अपने बेटे अमनप्रीत सिंह की बरात हेलीकॉप्टर में ले गए और मां की इच्छा पूरी की।
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लालड़ू में दुल्हा अमनप्रीत सिंह अपने दोस्तों और परिजनों के साथ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरविंदर सिंह के बेटे अमनप्रीत सिंह के बेटे की शादी 19 नवंबर को बठिंडा की नवजोत कौर से हुई। नवजोत बठिंडा में पावरकॉम के अधिकारी बिक्रमजीत सिंह मान की बेटी है। बरात सुबह साढ़े 10 बजे लालडू के गांव बसोली से रवाना हुई।
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हेलीकॉप्टर को देखते लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमनप्रीत की दादी की इच्छा के अनुसार, बरात बसोली से हेलीकॉप्टर में जीरकपुर के रिजॉर्ट के लिए रवाना हुई। जब अमनप्रीत हेलीकॉप्टर में अपनी दुल्हन नवजोत कौर को लेकर लौटा तो पूरा गांव दूल्हा-दुल्हन के स्वागत के लिए उमड़ आया। हेलीकॉप्टर से दुल्हन के आने की चर्चा आसपास के गांवों तक भी पहुंची।
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दूल्हा अमनप्रीत सिंह और दुल्हन नवजोत कौर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव बसौली के नंबरदार हरनेक सिंह के पोते अमनप्रीत सिंह की बरात जिस हेलीकॉप्टर में रवाना हुई, वह देहरादून से एक निजी कंपनी से किराए पर लाया गया था। हेलीकॉप्टर गांव बसोली के एक फार्म हाउस से उड़कर पांच मिनट में ही जीरकपुर के एक रिजॉर्ट की पार्किंग में लैंड कर गया। इसके बाद दूल्हा शादी की सभी रस्में पूरी करने के बाद अपनी दुल्हन नवजोत कौर को लेकर शाम 5 बजे हेलीकॉप्टर में लेकर 5 मिनट में गांव पहुंच गया।
लालड़ू में हेलीकाॅप्टर से दुल्हन को विदा कर लाया अमनप्रीत सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूल्हे अमनप्रीत सिंह के पिता गुरविंदर सिंह ने बताया कि उनकी माता स्व. बीबी हरजीत कौर 2001 में स्वर्ग सिधार गई थीं। उनकी तमन्ना थी कि वह अपने पोते को जहाज में ब्याह कर लाएंगी। उनकी इसी तमन्ना को पूरा करने के लिए हमारे परिवार ने हेलीकॉप्टर का प्रबंध किया और दुल्हन की डोली हेलीकॉप्टर में गांव लेकर आए।