भाई बहन का प्यार हो तो इस हिन्दू भाई और कश्मीर में रह रही उसकी मुसलमान बहन जैसा, जिन्हें हर साल बाबा बर्फानी आशीर्वाद देकर कृतार्थ करते हैं।
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AMARNATH
अमरनाथ यात्रियों पर हमला करके आतंकी बेशक भाईचारे को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहे है। मगर इन सबके बीच एक ऐसी मिसाल भी है जो हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश दे रही है। आपसी प्रेम भाव हो तो कोई धर्म या मजहब मायने नहीं रखता और ऐसा ही कुछ संदेश अंबाला कैंट के रहने वाले विक्रम शर्मा का परिवार व अनंतनाग के काजीकुंड में बसे फारूख दार का परिवार दे रहा है।
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Amarnath
- फोटो : Amar Ujala
नफरत की जंग में जहां घाटी में सैकड़ों जीवन खो रहे हैं, वहीं यह दोनों परिवार राखी बांधकर एक-साथ मिलकर आगे बढ़ने का संदेश लोगों को दे रहे हैं। विक्रम शर्मा बीते बारह वर्षों से लगातार बाबा बर्फानी के दर्शनों को जा रहे हैं। इस बीच उनकी जान पहचान काजीकुंड में बसे फारूख दार से हुई। अब दोनों में इतना प्रेम है कि हर बार यात्रा के समय विक्रम फारूख दार के निवास पर ठहरते हैं।
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अमरनाथ
विक्रम उन्हें यहां से ले जाए गए तोहफे भेंट करते हैं और परिवार के साथ वक्त बिताते हैं। दो वर्ष पहले विक्रम अपने परिवार के साथ अमरनाथ यात्रा पर गए थे तो फारूख दार के निवास पर ठहरे थे। दोनों परिवारों में तभी से प्रेम बढ़ गया। विक्रम शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष फारूख दार की बेगम का राखी के दिन फोन आया और उन्होंने राखी की शुभकामनाएं उन्हें दी।
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amarnath yatra
- फोटो : Amar Ujala
उन्होंने विक्रम से यह कहा कि अगली बार जब भी वह उनसे मिलने आएंगे तब उन्हें वह राखी बांधेगी। इस बार विक्रम अपने अन्य दोस्तों के साथ जून माह में अमरनाथ यात्रा पर गए थे और 26 जून को ही विक्रम काजीकुंड में फारूख दार के निवास पर थे जहां शामिना ने उन्हें राखी बांधी। बदले में विक्रम ने उन्हें तोहफे भी दिए। विक्रम कहते हैं कि उन्हें परिवार के साथ मिलकर काफी सुकून मिलता है।
कुछ दिन पहले ही अमरनाथ यात्रा से लौटे विक्रम, विजय शर्मा व अन्य बताते हैं कि इस बार यात्रा में सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे। अनंतनाग से आगे कुछ युवा उनकी गाड़ी के पीछे दौड़े थे, मगर उन्होंने कार तेजी से भगा ली थी और कुछ दूर सेना कैंप में शरण ली थी। उन्हें नहीं मालूम युवा किस वजह से उनकी कार के पीछे दौड़ रहे थे।