देश में बेरोजगारी का आलम देखिए। 8वीं पास के लिए चपरासी के 17 पदों पर भर्ती निकली और 14 हजार आवेदन आए। आवेदक एमफिल, बीटैक डिग्री धारक...
विज्ञापन
2 of 7
चपरासी के पदों पर भर्ती
यह नजारा देखने को मिला हरियाणा के हिसार में अदालत परिसर में बुधवार को चपरासी पद के लिए साक्षात्कार शुरू हुए जिसमें पहले दिन करीब 960 आवेदक इंटरव्यू देने पहुंचे। कुल 17 पदों के लिए 14,412 आवेदन आए हैं। चपरासी बनने के लिए बीए, एमए, एमफिल, बीटैक सहित तमाम डिग्री धारक हैं। इन पदों के लिए हरियाणा के अलावा यूपी व राजस्थान के आवेदक भी आ रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 7
चपरासी के पदों पर भर्ती
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी युवक-युवतियों ने चपरासी पद के लिए आवेदन किया है। बुधवार से इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें 3 से 14 जनवरी तक इंटरव्यू होंगे। पहले दिन 960 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलावा पत्र भेजा गया था। अभ्यर्थी बुधवार सुबह ही कोर्ट के गेट के बाहर पहुंच गए थे। सुरक्षा कर्मी छोटे-छोटे समूहों में उनको अंदर भेजते रहे। वे इंटरव्यू देकर बाहर निकलते रहे।
4 of 7
चपरासी के पदों पर भर्ती
- फोटो : अमर उजाला
एमए पास हूं, सरकारी नौकरी चाहे चपरासी की मिल जाए
यूपी के इलाहबाद से आए अभिषेक ने बताया कि वह एमएम हिंदी है। बेरोजगारी के चलते उसने चपरासी पद के लिए आवेदन किया है। कई जगह प्राइवेट जॉब की हैं। वहां जॉब से संतुष्टि नहीं मिली। नौकरी तो सरकारी होनी चाहिए, बेशक चपरासी की हो।
विज्ञापन
5 of 7
चपरासी के पदों पर भर्ती
एमए, बीएड और एचटेट पास, चतुर्थ श्रेणी की नौकरी को भी तरसे
हिसार निवासी अनीश ने खुद को एमए, बीएड और एचटेट क्लीयर बताते हुए कहा कि बेरोजगारी के कारण उन्होंने चपरासी की जॉब के लिए आवेदन किया है। अनीश ने कहा वैसे चपरासी इंसान ही तो होते हैं। इंसान को चोरी या ठगी नहीं करनी चाहिए। नेकदिल से काम करने में बुराई क्या।
विज्ञापन
6 of 7
चपरासी के पदों पर भर्ती
बेरोजगारी ज्यादा है इसलिए कोई भी नौकरी मिल जाए
गांव बहबलपुर के अजीत कुमार ने खुद को शास्त्री से एमए की डिग्री धारक हैं। अजीत ने कहा कि वह फिलहाल हिंदी से भी एमए की डिग्री हासिल कर रहे हैं। देश में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है। सरकारी नौकरी में दो जून की रोटी सुनिश्चित हो जाती है। इसलिए चपरासी पद के लिए आवेदन किया है।
निजी नौकरियों से गुजारा नहीं चलता, इसलिए सरकारी जॉब जरूरी
सिरसा निवासी सरला ने बताया कि एएम , बीएड़ डिग्री धारक है। निजी स्कूल इतना अधिक शोषण करते हैं। जहां टीचिंग कर घर नहीं चलाया जा सकता। सरकारी नौकरी सबसे बेहतर होती है। जिसमें जॉब सुरक्षित रहती है। काम कोई छोटा बड़ा नहीं होता। निजी स्कूलों के बंधुआ मजदूर बनने से अच्छा तो चपरासी जॉब है।