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CM वीरभद्र के भतीजे अकांक्ष के कत्ल का असली सच आया सामने, फरीद का बड़ा खुलासा

Sun, 19 Feb 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अकांक्ष मर्डर केस का आरोपी फरीद सिंह
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष की हत्या का असली सच सामने आ गया है। वहीं मामले में हरमेहताभ सिंह उर्फ फरीद ने कई नए खुलासे किए हैं, जो काफी चौंकाने वाले हैं।
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद को चंडीगढ़ पुलिस ने वीरवार को हरिद्वार से गिरफ्तार किया। वीरवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेशकर तीन दिन का रिमांड हासिल कर लिया। इस मामले के शिकायतकर्ता अदम्य भी वीरवार को जिला अदालत में पहुंचे। पुलिस ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट निशा की अदालत में अदम्य के बयान दर्ज किए। वहीं केस का मुख्य आरोपी बलराज अभी फरार है।
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akansh
वहीं पुलिस जानना चाहती थी कि आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ कि अ्रकांक्ष की हत्या हो गई। शेरा और फरीद में आखिर झगड़ा क्या था? इंटेरोगेशन के दौरान अब फरीद ने पुलिस को सारी कहानी बता दी है। उसने बताया कि लड़ाई कब और क्यों हुई? फरीद ने बताया कि वह और सेक्टर-9 निवासी गगनदीप सिंह उर्फ शेरा पहले दोस्त थे। ये दोनों अपनी-अपनी कारों में एक साथ तीन महीने पहले मनाली भी गए थे।

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अकांक्ष - फोटो : अमर उजाला
फरीद ने बताया कि मनाली में वह अपनी महिला मित्र के साथ मनाली के होटल के कमरे में रूका था, जबकि शेरा दूसरे होटल में। रात को फरीद की कार में शेरा का आईफोन और स्पीकर रह गया। शेरा को रात के डेढ़ बजे उसके दूसरे फोन पर कॉल आई कि उसकी नानी बीमार है। शेरा फरीद के कमरे में आईफोन लेने के लिए गया, पर उसने काफी देर तक कमरा नहीं खोला। इस वजह से दोनों में बहस हो गई।
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अकांक्ष - फोटो : अमर उजाला
फरीद ने बताया कि इसके बाद उसने शेरा को कहा कि वह फोन नहीं देता और शेरा को धक्का देकर कमरा बंद कर लिया। एक हफ्ते बाद वापस आने पर फरीद ने शेरा को सामान लेने के लिए बुलाया। शेरा गया तो उसको वहां भी बेइज्जत किया गया। इस दौरान बापूधाम कॉलोनी के दो बाउंसर भी फरीद के साथ थे, जिन्होंने शेरा पर पूरा दबाव डाला। तब से दोनों में तकरार चल रही थी। उस रात को दोनों में फिर से बहस हो गई थी।
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
फरीद ने बताया कि अकांक्ष को पहली टक्कर ही जोरदार से लगी थी और वह कई फीट ऊपर जाकर गिरा था। उस पर दोबारा कार नहीं चढ़ाई गई। हमें डरा था कि अकांक्ष और उसके दोस्त हमारे साथ मारपीट करेंगे, इसलिए हम कहीं जाने के लिए निकल रहे थे कि सामने से अकांक्ष आ गया और हम डर गए। गोवा जाने का प्रोग्राम पहले से ही था। इस प्रोग्राम के तहत ही वह दोस्तों संग बेंगलुरु पहुंचा। बेंगलुरु में ही उसे पता चला कि केस दर्ज हुआ है और पुलिस उनके पीछे है।
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Akansh Murder case - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर पेशी के दौरान कोर्ट रूम के बाहर बातचीत करते हुए फरीद ने एक और बात बताई। फरीद ने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा था। उसने किसी को कार से टक्कर मारने के लिए नहीं उकसाया। उसने कहा कि सभी के बीच बहस हो गई थी। इसके बाद जब वह और बलराज कैफे से बाहर निकले तो अचानक से 4-5 लड़कों ने उन पर बेसबॉल, बैट, हॉकी आदि से उन पर हमला कर दिया। हमलावरों में अदम्य और अकांक्ष भी थे।

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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
फरीद के अनुसार उनमें से एक के पास रिवाल्वर भी था। इसलिए वह डर गए और वहां से भागने लगे। इसी दौरान अकांक्ष उनकी गाड़ी के सामने आ गया। उसे टक्कर लगने के बाद वे लोग डर के भाग गए। फरीद ने बताया कि हम शेरा को जानते थे। उससे भी दोस्ती थी, लेकिन उतनी भी नहीं थी। वह अकांक्ष को अच्छे से जानता भी नहीं था तो उस पर हमला करने का सवाल ही नहीं बनता। वहीं इसके बाद उसने कुछ और कहने से इंकार कर दिया।

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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने अदालत को बताया है कि फरीद की गिरफ्तारी के बाद अब उससे मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा की गिरफ्तारी करवानी है। वह जानता है कि वह कहां छिपा है। डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में फरीद ने बताया है कि कार फाजिल्का में छिपा रखी है, जबकि बलराज दिल्ली में छिपा है। वहीं पुलिस को उससे हत्या का मोटिव भी जानना है। इसके अलावा मोबाइल समेत अन्य कई सामान की रिकवरी करनी है। वहीं वारदात के बाद वह कहां-कहां गया इसके बारे में भी जानना है।
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हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह के साले के बेटे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
हालांकि शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह वारदात के बाद बंगलुरु चला गया था। इसके बाद वहां से कई जगह होता हुआ हरिद्वार आया। पुलिस यह भी जानना चाहती हैं कि इस दौरान उसने किसका फोन और सिम इस्तेमाल किया यह भी जानना है। ऐसे में उसका पांच दिन का रिमांड लेकर उससे पूछताछ और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही कार की बरामदगी करनी है। अदालत ने पुलिस की दलीलों के बाद फरीद को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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