नामधारी समुदाय के पूर्व सतगुरु जगजीत सिंह की धर्मपत्नी माता चंद कौर (90) के मर्डर का पूरा सच सामने आ गया है। वारदात पूरी रेकी के बाद की गई।
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माता चंद कौर की हत्या
- फोटो : amar ujala
दोनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले बाकायदा होम वर्क किया था। तभी वे माता पर गोलियां दाग कर आसानी से फरार हो गए। शाम तक पुलिस को उनका कोई सुराग नहीं मिला। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए नामधारी मुख्यालय के साथ वाली सुनसान सड़क को चुना। इस सड़क पर आवाजाही काफी कम रहती है। माता चंद कौर अक्सर अकादमी में आती रहती थीं और उनके साथ कोई सुरक्षा गार्ड नहीं रहता था। हत्यारों ने इसी का फायदा उठाया।
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माता चंद कौर की हत्या
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हमलावर पिछली सड़क से ही तेजी से फरार हो गए। वारदात की जगह पर कोई सीसीटीवी भी नहीं लगा है, इसकी पुष्टि विश्व नामधारी संगत के प्रधान सुरिंदर सिंह ने की। वारदात के दौरान माता चंद कौर के साथ क्लब कार का चालक और माता का सेवक करतार सिंह व एक सेविका सीतो थे। अकादमी के गेट के बाहर खड़े युवकों ने जैसे ही माता जी माथा टेकना चाहा, करतार ने क्लब कार को धीरे कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने माता जी पर नजदीक से गोलियां दाग दीं।
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माता चंद कौर की हत्या
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सतगुरु प्रताप सिंह अकादमी के प्रिंसिपल अनिल तनेजा ने कहा कि सोमवार को नए सत्र का पहला दिन था। इसलिए अकादमी में धार्मिक आयोजन किया गया था। माता चंद कौर उसी में हिस्सा लेने के लिए अकादमी में आई थीं। वे वहां पर करीब पंद्रह मिनट तक रहीं। अकादमी की टीचर का कहना है कि माता सुबह सुबह भी एक बार अकादमी में आकर मुआयना कर चुकी थीं, फिर करीब दस बजे धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने आईं। वे अकादमी के हर समारोह में आतीं थीं।
माता चंद कौर पर हमले की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख, डीसीपी ध्रुमन निंबले के नेतृत्व में श्री भैणी साहिब और एसपीएस अस्पताल को छावनी में बदल दिया गया। श्री भैणी साहिब में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई। पोस्टमार्टम के दौरान सिविल अस्पताल में भी पुलिस ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए। डीजीपी कानून व्यवस्था एचएस ढिल्लों ने भी मौके का दौरा किया और कानून व्यवस्था का जायजा लिया।