अगर आप अपने बच्चे का आईक्यू लेवल, उसकी याद रखने की और सीखने की क्षमता बढ़ना चाहती हैं तो ये नुस्खा जरूर अपनाएं।
विज्ञापन
2 of 6
स्कूली बच्चे
इस नुस्खे के मुताबिक, यदि आपका नवजात चार महीने का है। मां का लगातार दूध पी रहा है। पूरी तरह से स्वस्थ्य है। वजन भी ठीक है। तो यह मत समझिए कि आपका बच्चा पूरी तरह से फिट है। हाल ही में पीजीआई ने 296 हेल्दी बच्चों पर स्टडी की है, जिनमें आयरन की जबरदस्त कमी पाई गई है।
विज्ञापन
3 of 6
स्कूली बच्चे
आयरन की कमी का सीधा असर बच्चे के दिमाग पर पड़ता है। फौरी तौर पर तो इसका असर नहीं दिखता है, लेकिन जब बच्चा स्कूल जाना शुरू करता है तो इसका असर दिखने लगता है। इससे सीखने की प्रक्रिया, एकाग्रता और याद करने की क्षमता और आई क्यू लेवल प्रभावित होती है।
4 of 6
स्कूली बच्चे
एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के प्रोफेसर डा. दीपक बंसल ने बताया कि चार महीने बाद बच्चे को आयरन का सिरप का पिलाना शुरू कर दें। पांच साल की उम्र तक हर हफ्ते दो दिन और उसके बाद किशोरावस्था तक हर हफ्ते एक बार आयरन का सिरप पिलाएं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से भी इस बारे अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
5 of 6
स्कूली बच्चे
पीजीआई प्रो. डा. दीपक बंसल ने बताया कि स्टडी में सिर्फ हेल्दी बच्चों को ही शामिल किया गया है, ताकि ये पता चल सके कि आयरन की कमी हेल्दी बच्चों में भी हो सकती है। स्टडी के मुताबिक चार महीने के 21 फीसदी बच्चे व पांच महीने के 36 फीसदी बच्चों में आयरन की कमी पाई गई थी।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के मुताबिक छह महीने से लेकर 5 साल तक की उम्र के 58 फीसदी बच्चों में आयरन की कमी मिली है। चंडीगढ़ के 73 फीसदी, हरियाणा के 72 फीसदी, पंजाब के 57 फीसदी, हिमाचल के 54 फीसदी और दिल्ली के 63 बच्चे आयरन की कमी से पीड़ित हैं।