घर लौटते समय रात हो गई और सड़क पर अकेली हैं तो घबराएं नहीं, बल्कि ये 10 बातें ध्यान रखें। महफूज रहेंगी और खुद की सुरक्षा खुद ही कर सकेंगी।
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लड़कियों की सुरक्षा
लड़कियों के साथ आए दिन कोई न कोई घटना हो जाती है, कभी छेड़छाड़ तो कभी रेप। ऐसे में लड़कियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, खासकर अकेले और रात में या अंधेरा होते हैं। ऐसा न हो, इसके लिए गिनीज बुक में नाम दर्ज करा चुकीं चंडीगढ़ की सेल्फ डेफेंस ट्रेनर सोनिया बतान कुछ टिप्स दे रही हैं, जिससे लड़कियां अपनी सुरक्षा खुद कर सकेंगी।
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लड़कियों की सुरक्षा
गलत का अंदेशा होते ही 100 नंबर पर सूचना दें
जरूरी है कि लड़कियां अपनी सुरक्षा खुद करें। ऑटो, बाइक व रिक्शे पर हों तो पर्स दाहिनी तरफ हाथ में न रखें। रास्ते में चलते समय मोबाइल पर बात न करें। भीड़-भाड़ वाली जगह पर गहने पहनकर न जाएं। घर में हों तो दरवाजा वाहन सवारों को जानकारी देने से बचें। पार्क में सैर करने गहने पहनकर या पर्स लेकर न जाएं। कभी संदिग्ध व्यक्ति द्वारा पीछा करने पर तुरंत 100 नंबर पर सूचना दें।
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लड़कियों की सुरक्षा
सुनसान रास्ते पर हेडफोन लगाकर चलें
घर से बाहर निकलने पर अगर आपको सुनसान रास्ते पर चलना पड़ता है तो कानों में हेडफोन लगाकर चलें। उसमें गाने ना बजाएं लेकिन अगर आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहे है तो तुरंत किसी से फोन पर बात करना शुरू कर दें या उसे ऐसे दिखाएं कि पूरे रास्ते आप किसी से बात कर रही है और आपका जानने वाला बीच रास्ते पर मिलने वाला है। फोन बाहर ना निकालें क्योंकि मनचला आपका फोन लेकर भाग सकता है।
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लड़कियों की सुरक्षा
अंधेरा होने पर कैब या ऑटो कर लें
ऑफिस से निकलते समय अंधेरा हो गया है तो कैब या पर्सनल ऑटो कर लें। सुनसान रास्ते पर अकेले जाने से बचें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जब भी कैब या ऑटो में बैठें तो उसका नंबर अपने किसी जानने वाले को दे दें और पूरे रास्ते फोन पर किसी से बात करते रहें। लड़कियों को हमेशा से ही बैग में पेपर स्प्रे रखने की सलाह दी जाती है लेकिन इसके अलावा आपको बैग में एक चाकू भी जरूर रखना चाहिए।
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लड़कियों की सुरक्षा
सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग लेनी चाहिए
साथ ही महिलाओं और लड़कियों को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर आपके पास कुछ नहीं है तो ये आपके काम आएगी। घर से कभी भी अकेले ना निकलें, हमेशा दोस्तों के साथ रहें और काला चश्मा पहनकर रखें। अगर आपको लगे कि कोई आपका पीछा कर रहा है तो तुरंत ऑटो ले लें और जितना जल्दी हो सके वहां से निकलें और पुलिस को इस बारे में जरूर बताएं।
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लड़कियों की सुरक्षा
मोबाइल का इस्तेमाल
छात्राओं को पता होना चाहिए कि वे कैसे आप अपने मोबाइल से खुद को बचा सकती हैं। चलते समय यदि अचानक कोई छेड़छाड़ करे तो मोबाइल को हथियार बनाकर आप उसे हिट कर सकती हैं। साथ ही शोर मचाकर मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया जा सकता है। बस में छात्राओं से छेड़छाड़ ज्यादा होती है। कोई जब उन्हें छेड़े तो वह दुपट्टे का इस्तेमाल कर सकती हैं। छेड़ने वाले के गले में डाल उसे नीचे गिराकर खुद को बचा सकती है।
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लड़कियों की सुरक्षा
पंच, कोहनी और किक
लड़कियां जब चाहे पंच, कोहनी के अलावा किक का भी इस्तेमाल कर सामने वाले को धूल चटा सकती है। सामने से यदि कोई छेड़खानी का प्रयास करता है तो उसे जोरदार किक के जरिए चोट पहुंचा सकती है। लड़कियां जब भी घर से बाहर निकले तो अपने पर्स मैं परफ्यूम हिट या कोई स्प्रे जरूर रखे। यह बचाव के लिए सबसे उपयोगी चीज हैं। स्प्रे हमेशा आंखों मैं और मुंह में करें। लड़कियां कभी भी खुद को कमजोर न समझे। हिम्मत और हौसले से हर हालात का सामना करे।
पेन भी बड़े काम का है
सुनकर आपको अचम्भा होगा कि पेन से सेफ्टी। जी हां, पेन न केवल लिखने के लिए है, बल्कि आपके बचाव के लिए काम भी आता है। पेन से गले, हाथ और जांघ में हमला कर सकते हैं। अगर आपके साथ कोई ज्यादा ही बदतमीजी करे तो उसे एक लॉक पंच मार दें। माथे के किनारे और कान के ऊपर वाले हिस्से की नस बहुत ही कमजोर होती हैं। वह पर चोट मारने से इंसान 2 मिनट में बेहोश हो जाएगा।