ऑपरेशन के हीरो लेफ्टिनेंट एनएन खन्ना ।
सेना अब इस ‘ऑपरेशन फौलाद’ के पराक्रम से नई पीढ़ी को रूबरू करवाना चाहती है। इसकी शुरुआत सेना ने आर्मी मिलिट्री फेस्ट से शुरू की है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली इत्यादि इलाकों से आए स्कूल व कॉलेज छात्रों समेत अन्य लोगों ने इस फेस्ट में ‘नॉ अवर आर्मी’ के तहत इस ऑपरेशन की जानकारी हासिल कर सेना पर गर्व महसूस किया। इस ऑपरेशन को सेना आज ‘राजा लीत्ता, राजा दीत्ता’ के नाम से याद करती है। फौज कहती है कि पाकिस्तान से राजा लेने के लिए हमने लेफ्टिनेंट एनएन खन्ना के रूप में अपने राजा को भी खोया था।