एचएस भाटिया ने बताया कि पहले टैंक के अंदर बैठे जवान नाइट विजन चश्मे पहनते थे, ताकि टैंक के अंदर बैठने और सटीक निशाना लगाने में मुश्किल न हो। अब भारत सरकार ने सभी टैंकों में इस तकनीक को लगाने का फैसला किया। टैंकों में थर्मल इमेजिंग साइट को लगाने का काम पिछले कई साल से चल रहा है लेकिन इसकी डिमांड काफी ज्यादा है, इसलिए आर्डिनेंस फैक्ट्री में इसे बनाया जाएगा। नाइट साइट रात के दौरान अधिक क्षमता के साथ सैनिकों को दुश्मनों के टैंकों का पता लगाने और सैनिकों के आगे बढ़ने में मदद करेगा।
आर्डिनेंस फैक्ट्री वर्तमान में सेना को सप्लाई करता है हाईटेक केबल
आर्डिनेंस फैक्टरी में कैरियर क्वाड केबल, ट्वेंटी कंडक्टर केबल, एंटी पर्सोनल केबल का निर्माण किया जाता है। ये सभी केबल भारतीय सेना को सप्लाई की जाती हैं। 1985 में वायुसेना के लिए एयर फील्ड लाइटिंग केबल भी यहां बननी शुरू हुई। इसके अलावा डीआरडीओ, टीबीआरएल, सीएफईईएस और एसएएसई को रेडियो फ्रीक्वेंसी को एक्सिएल केबल की आपूर्ति की जाती है। इस फैक्ट्री में तैयार जैलीफील्ड केबल की आपूर्ति अर्द्धसैनिक बलों और भारतीय थल सेना को की जा रही है। सभी केबल में 99.99 प्रतिशत शुद्ध कॉपर और प्योर इंसुलेटिंग मैटीरियल का प्रयोग किया जा रहा है।