जिस बेटी को मां ने दूध बेच बेच कर पाला, उसने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतेह करके ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया कि दुनिया सलाम कर रही है।
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anita kundu
ये है हरियाणा के हिसार की बेटी अनीता कुंडू। जिले के उकलाना के गांव फरीदपुर की बेटी अनीता कुंडू ने एवरेस्ट को दोनों ओर से फतह कर नया इतिहास लिख दिया। रविवार सुबह करीब सवा सात बजे अनीता ने विश्व की सबसे ऊंची एवरेस्ट 29029 फीट पर तिरंगा फहराया। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर रविवार की सुबह अनीता कुंडू ने चाइना की साइड से फतह किया।
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anita kundu
अनीता ने 11 अप्रैल को एवरेस्ट चढ़ाई शुरू की थी। 40वें दिन की सुबह अनीता कुंडू ने एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा लहरा दिया। इस दल में आठ सदस्य थे। इनमें एक सदस्य आस्ट्रेलिया निवासी की शनिवार को मौत हो गई। पांच सदस्य तबीयत बिगड़ने पर वापस लौट गए। अनीता सहित कुल दो लोगों ने एवरेस्ट को फतह किया। इसके बाद अनीता कुंडू ने वापस उतरना शुरू कर दिया है। करीब 700 फीट नीचे तक पहुंची हैं।
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
अभी किसी परिजन से अनीता की बात नहीं हो सकी है। हिमालयन कंपनी की ओर से ही एवरेस्ट फतह करने की जानकारी दी गई है। भारत में अब तक कोई भी महिला पर्वतारोही एवरेस्ट पर दोनों साइड से नहीं चढ़ सकी। अनीता के परिजनों ने रविवार की सुबह हवन कर दुआ मांगी थी। अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर अनीता की मां राजपति बेहद खुश हैं। अनीता के पिता की करीब 17 साल पहले मौत हो चुकी है।
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
अनीता कुंडू ने एवरेस्ट पर चाइना साइड से चढ़ने के लिए 2015 में भी प्रयास किया था, जिसमें मौसम खराब होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था। लाखों खर्च करने के बाद भी उनका मिशन पूरा नहीं हो सका। अनीता 2013 में नेपाल की साइड से एवरेस्ट पर फतह हासिल कर चुकी हैं। भारत में इससे पहले कोई भी महिला पर्वतारोही एवरेस्ट पर दोनों साइड से नहीं चढ़ सकी थी।
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anita kundu
अनीता के परिजनों ने रविवार की सुबह हवन कर दुआ मांगी थी। अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर अनीता की मां राजपति बेहद खुश हैं। अनीता के पिता की पहले मौत हो चुकी है। अनीता की मां अब अपनी बेटी से बात करने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। अनीता की मां ने दूध बेचकर दोनों बच्चों की परवरिश की है। फिलहाल अनीता का परिवार नवदीप कॉलोनी में रह रहा है।
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anita kundu
अनीता और उसके 2 विदेशी साथी भी एवरेस्ट के शिखर पर पहुंचने के लिए अपने आखिरी पड़ाव से 20 मई को निकले थे। माइनस 60 डिग्री तापमान में भी अनीता ने हार नहीं मानी। रातभर उन्होंने चढ़ाई करते हुए मिशन को पूरा किया। इस दौरान शिखर से पहले उनके साथ गया एक विदेशी पर्वतारोही एवरेस्ट की गोद में समा गया। इसके बावजूद अनीता के कदम रुके नहीं। उसने रविवार सुबह 7: 15 पर माउंट एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया।
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
2008 में अनीता हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई। 2011 में उन्होंने लेह-लद्दाख की 22 हजार फीट ऊंची चोटी पर चढ़ाई की। 2011 में ही अनीता ने उत्तराखंड की सतोपंथ की 23 हजार फीट ऊंची चोटी पर चढ़ाई की। इसके बाद अनीता ने नेपाल के रास्ते से 18 मई 2013 को एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। 2015 में चाइना की ओर से एवरेस्ट फतेह करने गई। भूकंप के कारण चाइना सरकार ने अभियान बीच में ही रद्द करा दिया था।
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
अनीता कुंडू के चाइना की ओर से एवरेस्ट फतेह करने में 30 लाख रुपये खर्च हुए। जिनमें से 20 लाख रुपये अनीता ने अपने रिश्तेदारों से कर्ज लिया है। सब इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत अनीता ने मिशन एवरेस्ट के लिए विभाग से 20 लाख रुपये का लोन लेने के लिए अर्जी लगाई थी। मगर लोन मंजूर नहीं हुआ तो उन्हें अपने परिचितों से कर्ज लेना पड़ा।
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पर्वतारोही अनीता कुंडू
अनीता का जन्म जिले के गांव फरीदपुर में एक गरीब परिवार में हुआ था। अनीता को कबड्डी का शौक था, जिसके चलते उसने 5वीं कक्षा से ही कबड्डी खेलना शुरू कर दिया था। लेकिन अपने इस शौक को अधिक दिन जिंदा नहीं रख पाई। 2001 में पिता की मौत के बाद अनीता ने कबड्डी खेलना छोड़ दिया। ऐसे में अनीता ने परिवार की आर्थिक दशा को सुधारने के लिए नौकरी की तलाश की।
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anita kundu
अनीता कुंडू अपने चार बहन-भाइयों में सबसे बड़ी हैं। अनीता की छोटी दोनों बहनें शादीशुदा हैं, जबकि बड़ी होने के बाद भी उन्होंने शादी नहीं की है। अनीता की एजूकेशन हिसार से हुई और उन्होंने बीए की पढ़ाई जाट कॉलेज से की। इसके बाद प्राइवेट इंस्टीट्यूट से उन्होंने एमए हिस्ट्री से की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे हरियाणा पुलिस में बतौर कांस्टेबल के पद पर भर्ती हो गई।
सन् 2011 में अनीता कुंडू ने लेह लद्दाख में तीन महीने का पर्वतारोहण का कोर्स किया। अपने खर्च पर अनीता 2013 में नेपाल की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने नेपाल गई। अनीता के भाई सुरेंद्र ने बताया कि अनीता की बचपन से ही खेल-कूद में रुचि थी। माता-पिता भी उन्हें सपोर्ट करते थे। कॉलेज में अनीता बाक्सिंग और कबड्डी टीम की सदस्य थी।