6 साल के बेटे को 14 बार किरच से गोदने वाली मां ने पहली बार जुबान खोली और पुलिस को ऐसी बात बताई, सुनकर उन्हें भी यकीं नहीं हो रहा। मामला इतना संगीन हो गया है कि हर कोई एक मां की इस हरकत से सदमे में है।
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बठिंडा हैरी हत्याकांड
घटना पंजाब के बठिंडा की है। वहीं आरोपी मां अपनी सफाई दे रही है। उसका कहना है कि उसे सिर्फ इतना याद है कि उसने किरच उठाई। उसके बाद क्या हुआ, कैसे हुआ और उसने किसको मारा यह सब उसे नहीं पता। बेटे को इतनी बुरी तरह से मौत के घाट उतारने के बाद भी राजवीर कौर का परिवार उसे बहुत अच्छा बता रहा है। परिवार का कहना है कि पता नहीं वारदात वाले दिन राजवीर को क्या हो गया था। उनके अनुसार राजवीर अपने बेटे को एक पल के लिए भी अकेला नहीं छोड़ती थी।
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बठिंडा हैरी हत्याकांड
केस की जांच कर रहे थाना सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर रछपाल सिंह ने भी बताया कि आरोपी महिला राजवीर कौर ने अपने बेटे की हत्या डिप्रेशन का दौरा पड़ने के दौरान की। प्राथमिक जांच में भी सामने आया था कि महिला ने उक्त घटना को मानसिक परेशानी के चलते ही अंजाम दिया होगा। पुलिस ने क्राइम रिपोर्ट में दर्ज उस बयान को गलत ठहराया, जिसमें बच्चे की हत्या का कारण नहाने से इंकार करना बताया गया था। नहाना तो था ही, हैरी को तलवंडी साबो मत्था टेकने जो जाना था।
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बता दें कि आरोपी राजवीर इस समय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। राजवीर के मायके वालों ने कोर्ट में उसका मेडिकल ट्रीटमेंट करवाने की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने रिजेक्ट कर दिया। वहीं पुलिस घटना के दो दिन बाद भी बच्चे की हत्या के कारणों का पता नहीं लगा सकी है। जांच अधिकारी एसआई हरनेक सिंह का कहना है कि आरोपी से कई बार पूछताछ की, लेकिन वह हर बार एक ही बात कह रही है कि मुझे गुस्सा आया गया था, ये सब कैसे हो गया पता नहीं।
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बठिंडा हैरी हत्याकांड
जांच अधिकारी के अनुसार अवैध संबंधों वाले पहलू पर भी जांच पड़ताल की गई, मगर ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। सोमवार को बहन से मिलने के लिए दिल्ली से आए भाई सुखवीर सिंह ने बताया कि उसकी बहन राजवीर कौर बेटे हरकिरत से इतना प्यार करती थी कि जब वह 15 दिन पहले दिल्ली आई थी तो वह अपने साथ आटा और तवा लेकर आई थी। क्योंकि गेहूं से उसके भांजे को एलर्जी होने के कारण उसके लिए स्पेशल खाना बनता था।
दूसरी ओर खुलासा हुआ है कि जिस किरच से राजवीर कौर ने हरकीरत सिंह हैरी को मौत के घाट उतारा, वो किरच कुछ माह पहले चोर छोड़कर गए थे। दरअसल कुछ महीने पहले परमिंदर सिंह के घर में चोरी हुई थी। मोहल्ले के लोगों के जाग जाने के बाद चोर चोरी किए सामान के साथ अपनी किरच भी छोड़कर भाग गए थे। उसे परमिंदर सामान के साथ उठाकर अपने घर ले आया था। तब परमिंदर को नहीं पता था कि वह बेटे की मौत का सामान घर लेकर जा रहा है।