पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकी हमला होने के बाद से शहर की सीमाएं सील कर दी गई हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। तस्वीरें।
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पठानकोट हमले के पीछे वे 4 'आतंकवादी' तो नहीं?
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ये तस्वीरें एयरफोर्स स्टेशन पर हमले के बाद पुलिस की ओर से चलाए गए सर्च अभियान की हैं। पूरा इलाका सील किया जा चुका है। आतंकियों की मोबाइल लोकेशन से शक जताया जा रहा है कि ये वही आतंकी हो सकते हैं जिन्होंने 31 दिसंबर को एसपी को किडनैप किया था।
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एसपी हेडक्वार्टर गुरदासपुर और उनके दो अन्य साथियों को वीरवार देर रात आर्मी की वर्दी पहने 4-5 हथियारबंद लोगों ने हमला कर अगवा कर लिया। वे कुछ ही दूरी पर एसपी और उनके एक साथी को गाड़ी से फेंक गए थे, जबकि दूसरे को अकालगढ़ में जख्मी कर गाड़ी सहित छोड़कर भाग गए थे।
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आतंकियों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से बताया जा रहा है। मामले की सूचना मिलते ही एसएसपी पठानकोट आरके बख्शी ने विभिन्न टीमों का गठन कर सर्च अभियान चलाया और पूरे इलाके को सील कर दिया है। इसके अलावा बार्डर पर भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। पुलिस ने इस वारदात को आतंकी घटना के साथ जोड़कर इसकी जांच शुरू कर दी है।
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नरोट जैमल सिंह में वीरवार रात जहां से एसपी को अगवा किया, वहां से कुछ ही दूरी पर स्थित बमियाल में एक इनोवा गाड़ी में पुलिस को एक शव मिला है। इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम मामले की जांच कर रही है। एरिया में हाई अलर्ट घोषित कर क्षेत्रवासियों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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चूंकि चारों किडनैपर आर्मी की वर्दी में थे। लिहाजा पुलिस, बीएसएफ और आर्मी ने इसमें आतंकियों का हाथ होने का शक जताया था। आर्मी ने कहा था कि फिर दीनानगर जैसा हमला हो सकता है। शाम से ही पुलिस आर्मी ने ताजपुर और कथलौर के पास छानबीन शुरू कर दी थी। पठानकोट से जम्मू और चंडीगढ़ जाने वाले रास्तों को सील कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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बॉर्डर डीआईजी कुंवर प्रताप सिंह ने एएनआई को बताया कि निगरानी बढ़ाने के लिए और हेलिकॉप्टर पठानकोट रवाना किए गए हैं। पूरे पठानकोट में सर्च ऑपरेशन जारी है। पठानकोट से जम्मू और चंडीगढ़ जाने वाले रास्तों को सील कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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घटना के बाद देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जानकारी के अनुसार यह आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के हो सकते हैं। पाकिस्तान की सीमा से हमले से कुछ दिन पहले वे भारत में आए हैं। जिस स्थान पर यह हमला हुआ है वहां से पाकिस्तान की सीमा महज 30 किलोमीटर की दूरी पर है।
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दिल्ली से आतंकी हमले के मौके की दूरी करीब 450 किलोमीटर है। आतंकी हमले का इनपुट भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास पहले से था, जबकि, आतंकियों ने एसपी की गाड़ी छीन बड़े हमले की आशंका को पुख्ता कर दिया था। हमले के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
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पंजाब के पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकी हमले को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं। पंजाब पुलिस को अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा। एक आतंकी के एयरफोर्स स्टेशन के अंदर होने के कारण ग्रेनेड फेंके जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब तक इस हमले में 4 आतंकी मारे गए है।
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पांचवां आतंकी आत्मघाती हो सकता है, बताया जा रहा है कि 5वां आतंकी फिदायीन है। वहीं, पठानकोट एयरबेस पर 2 धमाकों की आवाज सुनाई दी गई है, जहां सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग जारी है। सूत्रों के मुताबिक यह दोनों धमाके 5वें आतंकवादी की खोज के दौरान हुए।
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बताया जा रहा है कि आतंकी सेना के आधिकारिक वाहन में आये थे। उनकी वायु सेना अड्डे के तकनीकी क्षेत्र में घुसने की मंशा थी। खबर है कि जिन आतंकियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है, वे पाकिस्तान के बहावलपुर से सीमा पार करते हुए जम्मू-कश्मीर और फिर पंजाब में घुसे थे। जिस तरह आतंकियों ने एयरफोर्स बेस में प्रवेश किया उस देखकर यह लगता है कि उन्होंने यहां हमला करने से पहले पूरे क्षेत्र की अच्छी तरह छानबीन की थी।
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर हमले का शक जताया जा रहा है, क्योंकि बरामद गाड़ी से जैश का पर्चा मिला है। पुलिस की कोशिश है कि कम से कम एक आतंकी को जिंदा पकड़ा जाए। इससे पहले खबर आई थी कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मौलाना मसूद अजहर ने इस हमले की साजिश रची है। मसूद अजहर जैश का वो आतंकी है जिसे 17 साल पहले 1999 में कांधार हाईजैक मामले में भारत ने रिहा किया था।
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रिटायर्ड एयरमार्शल एके सिंह ने टीवी चैनल से कहा, 'आतंकी कभी एयरबेस के अंदर नहीं पहुंच सकते। इस बार भी उन्हें फर्स्ट लेयर में घेर लिया गया। आतंकियों का मकसद केवल चैनल की सुर्खियों में आना है। जहां एयरफोर्स के फाइटर जेट्स और चॉपर होते हैं, वहां तक पहुंचने के लिए पांच लेयर की सिक्योरिटी पार करनी होती है, वहां तक पहुंचना नामुमकिन है। आतंकियों का मकसद केवल यह बताना है कि वे आज भी ताकतवर हैं।'
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डिफैंस एक्सपर्ट सुशांत सरीन ने कहा, 'मोदी जी ने बोल्ड स्टेप लिया और वह पाकिस्तान गए। आतंकी इससे बौखला गए हैं। वे अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश करेंगे, इसका शक तो पहले से था और दोनों देशों की सरकारें भी इसे जानती थीं। इसे हालिया जासूसी केस से जोड़ना गलत होगा। बाहर के लोग तो जासूसी कर नहीं कर सकते, यह काम सेना के लोग ही कर सकते हैं। बहुत छोटे लेवल पर ही जासूसी की जा सकती है।'
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रिटायर्ड मेजर जनरल प्रफुल्ल बख्शी ने कहा, 'आतंकी कभी भी टेक्निकल एरिया तक नहीं पहुंच सकते। हमारे सिस्टम में कमियां हैं। सिविल एडमिनिस्ट्रेशन को मिलिट्री इंटेलिजेंस के साथ मीटिंग करनी चाहिए थी। एसपी के किडनैपिंग के बाद प्रधानमंत्री और बाकी लोगों को वेकअप कॉल लेनी चाहिए थी। 1965 में भी इस इलाके में हमला हुआ था।'
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पंजाब में पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन पर हुए आतंकी हमले से गुस्साए लोगों ने पाकिस्तान का झंडा फूंका। सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। तस्वीरें।
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आतंकी हमले के पीछे जैश ए मोहम्म्मद संगठन का हाथ बताया जा रहा है। आतंकियों ने पाकिस्तान के बहावलपुर से सीमा पार की, फिर जम्मू-कश्मीर से पंजाब के पठानकोट में घुसे थे। पाकिस्तान का हाथ होने के सुबूत मिलते ही लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की और झंडा जलाया।
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आतंकी हमले के बाद पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन के बाहर सुरक्षा व्यवस्था चाक चोबंद कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात हैं। हर आने-जाने वाले की तलाश ली जा रही है। वहीं लोगों में भी आतंकी हमले को लेकर काफी गुस्सा है।
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पठानकोट में आतंकी हमले के बाद पंजाब पुलिस ने प्रदेश भर में अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा के इंतजाम कर दिए हैं। देखिए, चप्पे-चप्पे पर तैनात पंजाब पुलिस के जवान।
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स्वैट की टीम और पुलिस के तमाम राजपत्रित अधिकारी एयरफोर्स स्टेशन के बाहर बत्ती लगी गाड़ियों में घूमते रहे। 11.30 के बाद एनएसजी और आर्मी की टीम ने अंदर ग्रेनेड फेंके। हेलीकाप्टर और टोही विमान की भी मदद ली गई।
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ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से लैस टोही विमान ने एयरफोर्स स्टेशन के भीतर से कई चित्र लिए और बताया कि इमारत के भीतर आतंकवादी छिपे हुए हैं। इसके बाद हेलीकॉप्टर से रुक-रुककर फायरिंग जारी रखी गई।
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पठानकोट में आतंकी हमले के बाद चप्पे-चप्पे पर तैनात पंजाब पुलिस के जवान।
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पठानकोट में आतंकी हमले के बाद चप्पे-चप्पे पर तैनात पंजाब पुलिस के जवान।
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पठानकोट में आतंकी हमले के बाद चप्पे-चप्पे पर तैनात पंजाब पुलिस के जवान।
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पठानकोट में आतंकी हमले के बाद चप्पे-चप्पे पर तैनात पंजाब पुलिस के जवान।
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शिव सेना हिंदुस्तान व हिंदू जागृति मंच व विश्व हिंदू परिषद की ओर से आईएसआई का पुतला जलाया। इस दौरान शिव सेना हिंदुस्तान के प्रदेश चेयरमैन सतीश महाजन, जिला प्रधान विक्की महाजन, जिला चेयरमैन सुरेश कुमार व हिंदू जागृति मंच के चेयरमैन नितिन महाजन, विश्व हिंदू परिषद के पंकज ने कहा कि घटना दुर्भागयपूर्ण है। जब भी भारत दोस्ती का हाथ बढ़ाता है तो पाकिस्तान हमेशा ही पीठ में छुरा घोंपता है।
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पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन में आज जिस जगह आतंकी हमला हुआ, वहां के ढाकी एरिया के लोगों की नींद सुबह गोलियों की आवाज से खुली। देखिए, आंखों देखी।
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ढाकी के रहने वाले दिनेश शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने तड़के सुबह शोर सुना तो ऊपर जाकर देखा कि क्या हुआ है। एयर फोर्स की ओर से तेज आवाज वाले हेलिकॉप्टर सर्च ऑपरेशन के लिए लगा दिए गए और स्थानीय लोगों को भी एलर्ट कर दिया गया।
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दिनेश शर्मा का घर एयर फोर्स स्टेशन से 700-800 मीटर दूर है। इस दौरान उन्होंने गोलियां चलने की तेज आवाज सुनी। शर्मा ने बताया कि एसपी की किडनैपिंग की खबर के बाद शनिवार को ही बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई थी।
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वहीं, दूसरी ओर संदिग्ध व्यक्ति के मिलने के सूचना के बाद वह सतर्क हो गए। उन्होंने बताया कि पूरी रात संदिग्धों की तलाश के लिए हेलिकॉप्टर मंडराते रहे और वह ताजा जानकारी के लिए टीवी के सामने बैठे रहे।
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सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने भी तड़के गोली चलने की आवाज सुनी। वहीं एयरफोर्स स्टेशन के पास स्थित डीएवी कॉलेज में भी हमले के मद्देनजर परीक्षा स्थगित कर दी गई। कॉलेज के प्रिंसिपल शमिंदर शर्मा ने बताया कि अब परीक्षा नौ जनवरी को होगी।
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शर्मा ने कहा कि दीनानगर के बाद यहां हमले के बावजूद यहां शांति का माहौल है। उन्हें सुरक्षा बल पर विश्वास है कि वह आतंकियों को खत्म कर देंगे। उन्होंने बताया कि हमले के बावजूद उन्होंने नरोट जैमल स्थित पीसीएमएस में तैनात अपनी बेटी को काम करने भेजा।
इस समय क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात है। जगह-जगह बेरिकेडिंग लगाए गए हैं। पठानकोट आने और जाने वाले वाहनों पर पंजाब पुलिस की ओर से निगरानी रखी जा रही है।