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...जब श्वेता तिवारी ने पूछा- क्या तलाक लेना सही फैसला होता है, जवाब भी खुद एक्ट्रेस ने ही दिया

Sun, 03 Feb 2019 03:32 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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श्वेता तिवारी
टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने एक सवाल पूछा कि क्या तलाक लेना सही है। जब कोई इसका जवाब नहीं दे पाया तो उन्होंने खुद एक हकीकत बयां की, तस्वीरों में देखिए आखिर क्या है मामला।
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श्वेता तिवारी
सात जन्म तक साथ जीने मारने की कसम लेने वाले दंपति के रिश्तों की मौत है तलाक। वर्तमान समय में आपसी रिश्तों में थोड़ी सी दरार के बाद पत्नी-पति तलाक लेने को उतारू हो जाते हैं। क्या पति-पत्नी आपसी बातचीत और प्यार की गुंजाइश से संबंध को सुधार नहीं सकते। तलाक का फैसला क्या सही है...यह सवाल किसी और ने नहीं बल्कि मशहूर अभिनेत्री एवं बिग बॉस विजेता श्वेता तिवारी ने ट्राइसिटी के दर्शकों से पूछा।
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श्वेता तिवारी
जब कोई जवाब नहीं दे पाया तो श्वेता तिवारी ने खुद हकीकत बयां की और ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शकों को तलाक न लेकर एक खुशहाल विवाहित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। श्वेता अभिनेत्री प्रिया के किरदार में दर्शकों से टैगोर थियेटर सेक्टर-18 चंडीगढ़ में ‘जब वी सेपरेटिड’ में रूबरू हुई। मशहूर अभिनेता राकेश बेदी द्वारा निर्देशित इस नाटक का मंचन हुआ, जिसमें अभिनेत्री श्वेता तिवारी एवं अभिनेता राहुल भुचर ने मुख्य भूमिका निभाई।

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श्वेता तिवारी
नाटक का उद्देश्य उन नवदंपतियों के जीवन को खुशहाल करना है, जो वर्तमान समय में छोटी छोटी बातों को लेकर आपसी रिश्तों को खराब कर रहे हैं। इसमें दिखाया गया कि थोड़ी सी समझदारी से हर मसले को आसानी से निपटाया जा सकता है। नाटक में दिखाया गया है कि संबंधों को समाप्त करना या तलाक देना रास्ता नहीं है। वहीं राकेश बेदी ने उन लोगों का दर्द भी उकेरा जो अपनी वृद्ध अवस्था में तन्हा जीवन यापन कर रहें है।
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श्वेता तिवारी
राकेश बेदी ने यह बताने की कोशिश की कि वृद्धों की हम अनदेखी न करें। वह भी सबसे घुलना मिलना और बातें करना चाहते हैं। अकेले जीवन काटना सरल नहीं होता है। उन्होंने  नाटक में दिखाया कि प्रिया और संजय साहनी के दांपत्य जीवन की कड़वाहट हमेशा के लिए आपसी संबंधों को खराब कर देती है। हालांकि कोर्ट तलाक से पहले छह महीने उनको फिर से सोचने के लिए कहती हैं। लेकिन वे छह महीने रिश्ता बेहद जल्दी खत्म होने की कामना करते हैं, ताकि तलाक मिले।
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श्वेता तिवारी
इस तलाक के बीच प्रिया और संजय की बेटी मेघा सबसे ज्यादा प्रभावित होती है, वह दोनों को मिलाने की कोशिश करती हैं लेकिन फेल हो जाती हैं। वे दोनों तलाक के लिए उतारू हैं। नाटक में प्रिया के पड़ोसी मोंटी एक हंसमुख शख्स हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया। इस कहानी ने दर्शकों की खूब तारीफ बटोरी। नाटक के अंत में तलाक की बजाए आपसी बातचीत एवं सहमति से रिश्तों को सुधारने की सलाह दी गई।
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श्वेता तिवारी
टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में रंगमंच के शौकीन दर्शकों का उत्साह उस समय देखने लायक था, जब उनकी फेवरेट अदाकारा श्वेता तिवारी मंच पर आईं। उनकी एक झलक पाने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। अभिनेत्री ने भी दर्शकों के प्यार को खूब सराहा। वहीं राकेश बेदी ने कहा कि टीवी-फिल्म हो या रंगमंच यदि किसी गंभीर विषय पर कोई संदेश या लोगों को अवेयर करना है तो उसमें इंटरटेनमेंट, कॉमेडी होना लाजमी हैं। क्योंकि गंभीर विषय को प्यार और इंटरटेनमेंट से दर्शकों तक आप आसानी से पहुंचा सकते हैं।
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