BSF से बर्खास्त किए जाने के बाद तेज बहादुर यादव घर पहुंच गए और घर आते ही उन्होंने बड़ा ऐलान कर दिया। वे सस्पेंशन के खिलाफ ये कदम उठाएंगे।
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तेज बहादुर
तेज बहादुर रोडवेज बस के जरिए जैसे ही हरियाणा के रेवाड़ी जिला पहुंचे तो वहां पर उनकी पत्नी मौजूद रहीं। वहीं पूर्व विधायक नरेश यादव व अन्य परिजनों ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते तेज बहादुर ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं किया, लेकिन सजा गलत मिली मुझे। सबूत देने के बावजूद बर्खास्त किया गया।
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बीएसएफ का जवान तेज बहादुर यादव
तेज बहादुर ने कहा कि उन्होंने मोदी सरकार से मदद की गुजारिश की है। अगर सरकार मदद नहीं करती तो वे न्याय पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि वे बर्खास्तगी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेंगे। मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। मेरे साथ सेना के कई जवान हैं। वे वर्दी में इंसाफ की लड़ाई लड़ेंगे।
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बीएसएफ का जवान तेज बहादुर यादव
गौरतलब है कि 9 जनवरी 2017 को तेज बहादुर ने जम्मू में सीमा पर तैनाती के दौरान ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाला था। कुछ ही समय में यह वायरल हो गया था। इसके बाद से ही बीएसएफ में उनके साथ बुरा बर्ताव हो रहा था। उन्हें एक तरह से नजरबंद कर दिया गया था। अब उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है।
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
बर्खास्त किए जाने के बाद तेज बहादुर यादव ने पहली बार मीडिया से बातचीत की है और सैन्य अधिकारियों के खिलाफ बगावती तेवर दिखाए। तेज बहादुर ने कहा कि, 'आशा है कि मुझे न्याय मिलेगा, मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि सभी सेना के अधिकारी भ्रष्ट हैं लेकिन 50% अधिकारी खराब खाने के लिए जिम्मेदार हैं।'
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तेजबहादुर के वायरल वीडियो पर बोली पत्नीं
तेज बहादुर ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि काफी दिनों से ये प्रकिया चल रही थी, लेकिन मेरी लड़ाई जारी रहेगी। तेज बहादुर का कहना है कि मैंने भी भगत सिंह की तरह ही अंधे-बहरों को जगाने के लिए ये बम फोड़ा था। जब से मेरा वीडियो वायरल हुआ उसके बाद से इन लोगों ने मुझे अंडर कस्टडी रखा, मुझे अरेस्ट करके रखा।
तेज बहादुर ने कहा कि मैं चाहूं तो मैं उन सबके नाम बता सकता हूं। मेरे पास सब सबूत थे इसलिए मैंने वीडियो बनाया था। मेरा वीडियो वायरल होने के बाद काफी सुधार हुआ है, चीज़ें काफी सुधरी हैं और मुझे इस बात की खुशी है। खुशी ये है कि मेरी वजह से खाना अच्छा हुआ, पर दुख इस बात का है कि मुझे न्याय नहीं मिला।