देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फटने के बाद अब सरकार की नींद टूटी है। सरकार की तरफ से अब तिरंगे के सम्मान के लिए सरकार एक्शन लेने जा रही है।
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सबसे ऊंचे तिरंगे पर कैप्टन सरकार गंभीर
अटारी बॉर्डर पर देश के सबसे ऊंचे तिरंगे के बार-बार फटने की खबर पंजाब की कैप्टन सरकार के कानों तक जा पहुंची है। सरकार ने मामले पर गंभीरता जाहिर करते हुए प्रभावी कदम उठाने के संकेत दिए हैं।
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राष्ट्रीय ध्वज
रविवार को तिरंगे को लेकर पंजाब सरकार के गृहसचिव अर्जुन राम मेघावल जानकारी सार्वजनिक करेंगे। वे तिरंगे के रखरखाव के लिए दोबारा बनाई गई नीतियों को सामने रखेंगे। सरकार का कहना है कि तिरंगे के रखरखाव के लिए टीम बदली जाएगी। साथ ही तिरंगे की नई लंबाई-चौड़ाई को लेकर अंतिम निर्णय का भी खुलासा होगा।
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सरहद पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें, पांच मार्च 2017 से अब तक तिरंगा छह बार फट चुका है। बार-बार हवा के दबाव के चलते तिरंगे के फटने से इसकी देखरेख कर रहे नगर सुधार ट्रस्ट की किरकिरी हो रही है। अब प्रशासन मामले में सरकार की नई नीतियों को सामने रखेगा।
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सबसे ऊंचे तिरंगे पर कैप्टन सरकार गंभीर
इस राष्ट्रीय ध्वज को पांच मार्च 2017 को पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने फहराया था। खूबी यह है कि 360 फुट ऊंचे इस तिरंगे को लाहौर से देखा जा सकता है। हालांकि झंडे के बार-बार फटने की वजह से आज स्थिति यह है कि अटारी बॉर्डर पर 360 फीट ऊंचा पोल बिना तिरंगे के खड़ा है।
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सबसे ऊंचे तिरंगे पर कैप्टन सरकार गंभीर
ऐसे में देश-विदेश से आने वाले उत्सुक सैलानियों को मायूस होना पड़ रहा है। उधर, मामले पर राजनीति जारी है। भाजपा के एक गुट ने तिरंगा फहराने को लेकर लेन-देन की जांच की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। हालांकि अभी तक पीएम ऑफिस से जांच को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं।
सबसे ऊंचे तिरंगे पर कैप्टन सरकार गंभीर
- फोटो : अमर उजाला
तिरंगा फहराने को लेकर की गई जल्दबाजी से पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी भी आलोचकों के निशाने पर हैं। वहीं तिरंगे की देखभाल करने वाली होशियारपुर की भारत कंपनी भी विवादों में है।