पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाले मुख्य हीरो से मिलिए, इनका बैकग्राउंड देखेंगे तो आपको इनपर फक्र होगा।
विज्ञापन
2 of 6
होशियारपुर के गांव
ये हीरो हैं डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह। उनके चाचा कर्नल मनमोहन सिंह ने बताया रणवीर होशियारपुर के गांव अंबाला जट्टां के रहने वाले हैं। उन्होंने इस सर्जिकल स्ट्राइक से पहले करगिल की जंग में भी अहम भूमिका निभाई थी। लेफ्टिनेंट 40 साल पहले जालंधर में सेटल हो गए हैं। लेकिन गांव से उनका अब भी नाता है।
विज्ञापन
3 of 6
होशियारपुर के गांव
गांव के सरपंच हरभजन सिंह ने बताया कि रणवीर सिंह की शुरुआती पढ़ाई इसी गांव के सरकारी स्कूल में हुई। उनके दादा पाकिस्तान के लायलपुर में अध्यापक थे। एक बार वह छुट्टियां बिताने अंबाला जट्टां आए थे कि बंटवारा हो गया और वे यहीं रह गए। इसके बाद वे कपूरथला के सैनिक स्कूल में पढ़े और वहां टॉपर रहे।
4 of 6
होशियारपुर के गांव
सरपंच हरभजन सिंह ढट ने बताया कि बंटवारे के बाद जब उनके दादा जी अपने परिवार के साथ पाकिस्तान वापिस नहीं जा सके तो गांव के एक कच्चे मकान में उनके परिवार को रहने के लिए जगह दे दी गई। यहीं रणवीर सिंह का जन्म हुआ और फिर वह उसी घर के आंगन में तथा गांव की गलियों में खेलते-खेलते बड़े हुए।
विज्ञापन
5 of 6
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह
इसी गांव के महिंद्र सिंह प्रधान ने कहा कि लोगों के हीरो तो टीवी में ही अपने दुश्मनों से लड़ सकते हैं, मगर हमारा हीरो तो लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर ही है। उसने उड़ी के शहीदों का बदला लेकर दुश्मनों को सबक सिखाया है। लोगों का कहना है कि जब लेफ्टिनेंट जनरल रणवीर सिंह घर लौटेंगे तो उनका जोरदार स्वागत करेंगे।
बास्केटबाल के इंटरनेशनल प्लेयर रह चुके इसी गांव के एक बजुर्ग हरजाप सिंह ने भी कहा कि रणवीर ने आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान की आंखें खोल दी। उन्होंने कहा, "आज सारा गांव अपने बहादुर अफसर पर मान कर रहा है, जिसने दुश्मनों को भारतीय फौज का लोहा मनवाया है।"