फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान में जन्मे 'दयावान', माली बनकर टॉयलेट धोये, लव स्टोरी फेल

Tue, 01 Nov 2016 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरदासपुर(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
पंजाब में गुरदासपुर के सांसद-अभिनेता विनोद खन्ना के जन्मदिन पर हम उनके बारे में ऐसी बातें बताएंगे, जो यकीनन आपने पहले नहीं सुनी होंगी।
विज्ञापन

2 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
6 अक्टूबर, 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में जन्में विनोद की जिंदगी की कहानी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। साधारण परिवार से होने के बाद बॉलीवुड एक्टर बनने और फिर ओशो के आश्रम में माली बने। शादीशुदा जिंदगी खत्म करने को लेकर वो हमेशा ही सुर्खियों में रहे। पाकिस्‍तान से संबंध रखने वाले विनोद खन्‍ना ने एक पाकिस्‍तानी फिल्‍म गॉडफादर में मुख्‍य भूमिका निभाई, जो 2007 में रिलीज हुई। 1997 में राजनीति में आए, अब वह गुरदासपुर से सांसद हैं।
विज्ञापन

3 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद विनोद खन्ना का परिवार मुंबई आ गया था। मुंबई और दिल्ली में स्कूली पढ़ाई के बाद कॉलेज के दिनों के दौरान विनोद इंजीनियर बनना चाहते थे। पिता ने उनका एडमिशन कॉमर्स कॉलेज में भी करा दिया था, लेकिन विनोद का पढ़ाई में मन नहीं लगा। विनोद के अनुसार, कॉलेज लाइफ में उनकी कई गर्लफ्रेंड्स थीं। यहीं उनकी मुलाकात गीतांजलि से हुई। गीतांजलि विनोद की पहली पत्नी थीं। कॉलेज से ही उनकी लव-स्टोरी शुरू हुई थी।

4 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
विनोद के मुताबिक, एक पार्टी के दौरान उनकी मुलाकात सुनील दत्त से हुई थी। सुनील एक फिल्म के लिए अपने भाई के किरदार के लिए किसी नए एक्टर की तलाश में थे। उन्होंने विनोद खन्ना को वो रोल ऑफर किया। लेकिन जब ये बात उनके पिता को पता चली तो वह नहीं माने। हालांकि, विनोद की मां ने उनके पिता को इसके लिए राजी कर लिया और दो साल का वक्त दिया। पिता ने कहा कि दो साल तक कुछ ना कर पाए तो फैमिली बिजनेस ज्वाइन कर लेना।
विज्ञापन

5 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
ओशो से प्रभावित होकर विनोद खन्ना ने अपना पारिवारिक जीवन तबाह कर लिया था। विनोद अक्सर पुणे में ओशो के आश्रम जाते थे। यहां तक कि उन्होंने अपने कई शूटिंग शेड्यूल भी पुणे में ही रखवाए। दिसंबर, 1975 में विनोद ने जब फिल्मों से संन्यास का फैसला लिया तो सभी चौंक गए थे। बाद में विनोद अमेरिका चले गए और ओशो के साथ करीब 5 साल गुजारे। वो वहां उनके माली थे। वहां रहने के दौरान उन्होंने उनके टॉयलेट से लेकर जूठी थाली तक साफ की।
विज्ञापन

6 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
अमेरिका में विनोद खन्ना तकरीबन चार साल तक रहे और अमेरिका द्वारा ओशो आश्रम बंद करने के बाद इंडिया आ गए। पत्नी उन्हें तलाक देने का फैसला कर चुकी थीं। फैमिली बिखरने के बाद 1987 में विनोद ने फिल्म 'इंसाफ' से फिर से बॉलीवुड में एंट्री की। दोबारा फिल्मी करियर शुरू करने के बाद विनोद ने 1990 में कविता से शादी की। दोनों का एक बेटा साक्षी और एक बेटी श्रद्धा खन्ना है। राजनीति में एक्टिव विनोद खन्ना अब कई फिल्मों में भी नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
अभिनेता एवं सांसद विनोद खन्ना
1997 में बीजेपी के मेंबर बनने के बाद विनोद नेता भी बन गए। वर्ष 1997 और 1999 में वे दो बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भाजपा की ओर से सांसद चुने गए। 2002 में वे संस्कृति और पर्यटन के केन्द्रीय मंत्री भी रहे। सिर्फ 6 माह पश्चात ही उनको अति महत्वपूर्ण विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया। सलमान खान स्टारर 'दबंग' सीरीज की फिल्मों में अहम किरदार निभा चुके विनोद शाहरुख की 'दिलवाले' में भी नजर आ चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें