सुखना लेक से वीड निकालने के काम को जबरदस्त झटका लगा है। जिन जगहों से वीड हटाई गई थी, वहां पर दोबारा से वीड निकलने लगी है।
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Sukhna Lake, Chandigarh
रेगुलेटरी एंड पर ऐसे दृश्य आसानी से देखे जा सकते हैं। यदि बारिश शुरू हो गई तो वीड और तेजी से बढ़ेगी और चंडीगढ़ प्रशासन की सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित कमेटी की ओर से सवाल खड़े करने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने तेजी से वीड निकालने का काम शुरू किया था। एक ही दिन में दस के बजाए 60 से ज्यादा कर्मचारियों की टीम लगा दी गई थी।
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Sukhna Lake, Chandigarh
वीड निकालने के तरीके पर सवाल
पीयू के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर अमरीक सिंह ने वीड निकालने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे वीड खत्म नहीं होती, बल्कि बढ़ती है। कर्मचारी वीड को हाथों से निकाल रहे हैं।
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Sukhna Lake, Chandigarh
इससे कुछ हिस्सा उखड़कर लेक में गिरता और वह फिर से पनपने लगता। जब कोई चीज उखड़कर गिरती है तो वह और मजबूती से सरवाइव करती है। वीड को निकालने के लिए मशीन का प्रयोग करना होगा। इससे वीड जड़ और मिट्टी सहित निकलेगी।
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रोज 10 से 15 एमएम तक सूख रही सुखना
वीड के लिए सीवरेज का पानी अमृत है
विशेषज्ञों को मानना है कि जब तब लेक में सीवरेज में पानी आता रहेगा, तब तक वीड को खुराक मिलती रहेगी। वीड तेजी से बढ़ेगी। वीड को रोकना है तो सबसे पहले सीवरेज के पानी को रोकना होगा।
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sukhna
लेक के पानी में अब भी सीवरेज का पानी आ रहा है। पिछले दिनों सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि वे सकेतड़ी की तरफ ट्रीटमेंट प्लांट लगाए, ताकि सुखना में दूषित पानी को रोका जा सके।
मजदूरों को लगाने से वीड की समस्या खत्म नहीं होगी। बारिश के बाद वीड तेजी से बढ़ेगी। इसको रोकने के लिए सुखना में आ रहे सीवरेज के पानी को रोकना होगा।
प्रोफेसर अमरीक सिंह, बाटनी विभाग पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़