देश के नौनिहालों को आज भी स्कूल तक पहुंचने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसका अंदाजा इन तस्वीरों को देखकर लगाया जा सकता है।
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देखिए, कैसे 'एवरेस्ट' पार कर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे?
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ये तस्वीरें हरियाणा में पंचकूला के गांव मोरनी की हैं। यहां के बच्चों को स्कूल जाने के लिए एक किलोमीटर का रास्ता पैदल तय करना पड़ता है, वो भी जंगलों और दुर्गम रास्तों से होते हुए।
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कुदाना पंचायत के लसावा गांव की लड़कियों को दसवीं व बारहवीं की शिक्षा ग्रहण करने के लिए सुबह ढाई घंटे व शाम को घर लौटने के लिए भी इतना ही सफर तय कर टिक्कर के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पहुंचना पड़ता है।
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छोटे-छोटे बच्चों को भी प्राथमिक स्कूल लसावा पहुंचने के लिए इन्हीं रास्तों से दो घंटे पैदल जंगल तय कर मसयून के प्राथमिक स्कूल आना पड़ता है। इस कारण कुछ लोगों ने अपनी लड़कियों की पढ़ाई छुड़वा दी है।
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गांववालों ने प्रशासन से कई बार गांव में ही स्कूल खुलवाने की बात कही। पत्र लिखकर भी मांग की गई, लेकिन न तो आज तक वो मांग पूरी नहीं, न ही किसी ने ध्यान दिया।