लेडी सिंघम किरण बेदी, जिसके नाम पर आज भी क्रिमिनल थर्राते हैं, लेकिन IPS बनने से पहले उन्होंने ये सब काम भी किया है
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kiran bedi
- फोटो : pti
पुडुचेरी की उप-राज्यपाल किरण बेदी का जन्म 9 जून 1949 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। किरण बेदी ने स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई अमृतसर में ही की। उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री पंजाब यूनिवर्सिटी से की।
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किरण बेदी की छवि आज भी एक सख्त ऑफिसर के रूप में जाना जाती है। इन्होंने एक बार 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की कार मरम्मत के लिए गैराज लाई गई थी और सड़क पर गलत साइड में खड़ी की गई थी। उसे क्रेन से उठवा दिया था।
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जिस दौर में सिविल सर्विसेज परीक्षा में बेहतर रैंक लाने पर भी आम तौर पर महिला उम्मीदवार आईएएस में ही जाना पसंद करती थीं, उस वक्त 1972 में किरण बेदी ने सीनियर ऑफिसर के रूप में आईपीएस ज्वाइन करके सबको हैरत में डाल दिया था।
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किरण बेदी
- फोटो : ANI
किरण बेदी देश की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी हैं। किरण बेदी ने अपने करियर की शुरुआत लेक्चरर के रूप में की थी। वह साल 1970 में खालसा कॉलेज, अमृतसर में राजनीति शास्त्र की लेक्चरर थीं।
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1977 में उन्होंने इंडिया गेट दिल्ली पर अकाली और निरंकारियों के बीच उठ खड़े हुए सिख उपद्रव को जिस तरीके से नियन्त्रित किया वह पुलिस विभाग के रिकॉर्ड में एक मिसाल है ।
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1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी किसी काम से विदेश गई हुई थीं। कार मरम्मत के लिए गैराज लाई गई थी और सड़क पर गलत साइड में खड़ी की गई थी। -उन दिनों किरण बेदी गलत जगहों पर खड़ी गाड़ियों को क्रेन से उठवा लिया करती थीं।
जुर्माना अदा करके ही वह गाड़ियां वापस मिलती थीं। इन्दिराजी की कार को भी किरण बेदी ने उठवा लिया था। इसके बाद इन्हें क्रेन बेदी कहा जाने लगा। किरण बेदी के जीवन पर एक फीचर फिल्म यस मैडम सर बन चुकी है। इसे ऑस्ट्रेलियाई फिल्म निर्माता मेगन डोनेमन ने प्रोड्यूस किया है।