फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपना पूरा होने की दहलीज पर इस लड़की के साथ हुई 'अनहोनी', गंवा बैठी जान

Fri, 28 Apr 2017 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
सपना पूरा होने की दहलीज पर इस लड़की के साथ ऐसी अनहोनी हो गई कि अपनी जान गंवा बैठी। भगवान ऐसा किसी के भी साथ न करे। दर्दनाक कहानी।
विज्ञापन

2 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
हम बात कर रहे हैं, मध्यप्रदश में हुए प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट 24 वर्षीय हिमानी कल्याणी की। हिमानी पायलट बनने की दहलीज पर थी, लेकिन ट्रेनिंग के आखिरी घंटे में विमान क्रैश में उसकी मौत हो गई। दरअसल, इसके लिए 200 घंटे प्लेन उड़ाने का एक्सपीरियंस होना चाहिए, हिमानी 199 घंटे की ट्रेनिंग पूरी का चुकी थी। अगर प्लेन क्रेश न होता, तो घंटे भर बाद उसका ड्रीम पूरा हो जाता।
विज्ञापन

3 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
हिमानी मध्य प्रदेश में नैशनल फ्लाईंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में ट्रेनी पायलट थी। हिमानी दो साल से ट्रेनिंग ले रही थी, लेकिन उसने यह नहीं सोचा होगा कि यह आखिरी उड़ान होगी। हिमानी हरियाणा के करनाल जिले के गांव कुटेल की है। हिमानी के पिता गुरदयाल कल्याण भी दिल्ली इंडिगो एयरलाइन्स में काम करते हैं। जब से उसकी मौत की खबर गांव और घर पहुंची, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। कोहराम मचा हुआ है।

4 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
प्लेन में हिमानी के साथ उसके इंस्ट्रक्टर कैप्टन रंजन गुप्ता भी थे। विमान इतना नीचे उड़ रहा था कि वो रोपवे में फंस गया। रोपवे में फंसने की वजह से विमान में अचानक गड़बड़ी आ गई। जब हिमानी ने प्लेन को लैंड कराने की कोशिश तभी हादसा हो गया। हादसे में हिमानी और उनके इंस्ट्रक्टर की मौत हो गई। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले की वैनगंगा नदी के पास यह हादसा बुधवार को सुबह साढ़े नौ बजे हुआ।
विज्ञापन

5 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
हिमानी ने 29 मार्च, 2016 को अपनी पहली उड़ान भरी थी। हिमानी के चाचा प्रेम सिंह शाहपुर करनाल में सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन रहे हैं। तकनीकी अधिकारियों का मानना है कि एयरक्राफ्ट लड़खड़ाकर कैसे गिरा, यह जांच का विषय है। फ्यूल खत्म होने या इंजन में खराबी आने की वजह से इस तरह के हादसे की आशंका होती है। हाईट्रेम्प्रेचर से एयर प्रेशर कम हो जाता है, जिससे एयरक्राफ्ट लो हाइट पर आ जाता है।
विज्ञापन

6 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
यूं साबित हुई आखिरी उड़ानः हिमानी ने एयरफोर्स से रिटायर्ड सीनियर ट्रेनर पायलट रंजन गुप्ता के साथ प्लेन नंबर डी-42 NIKE से बुधवार सुबह करीब 9.05 बजे गोंदिया के बिरसी हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी। महज 55 मिनट बाद उनका प्लेन बालाघाट के खैरलांजी में बाणगंगा नदी पर पानी का लेवल मापने के लिए लगाए गए तारों में उलझकर क्रेश हो गया, जिसमें पायलट और इंस्ट्रक्टर दोनों की मौत हो गई।
विज्ञापन

7 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
एक प्रत्यक्षदर्शी भोलाराम के मुताबिक, वो अपनी नाव पर कुछ काम कर रहा था, तभी तेज सरसराहट की आवाज सुनाई दी। वो डर के अपनी नाव के पीछे छुप गया। उसने देखा कि प्लेन रोपवे(वायर) से टकराकर नीचे गिरा है। उसने इसकी जानकारी तुरंत गांव के सरपंच को दी। खबर मिलते ही गांव के लोग जुट गए और बचाव अभियान चलाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
विज्ञापन

8 of 8
प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली ट्रेनी पायलट हिमानी कल्याणी
वहीं, मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक दर्दनाक प्लेन क्रैश की वजह हाईटेंशन वायर में उलझना बताया जा रहा है। क्रैश प्लेन एविएशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के महाराष्ट्र नेशनल फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का था। प्लेन ने महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के बिरसी हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी। डायरक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिया हैं।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें