देश की स्टार क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस पर खुलकर बात की और लड़कियों की सुरक्षा पर चिंता जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने बेबाकी से कई बातें कहीं।
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Harmanpreet Kaur
क्रिकेटर हरमनप्रीत सीआईआई में इंडियन कॉरपोरेट प्रीमियर लीग के सिलसिले में वह सोमवार को यहां आई थीं। इर दौरान हरमन ने वर्णिका कुंडू की हिम्मत को सराहा। उन्होंने कहा कि हर महिला को सुरक्षा चाहिए। मुझे भी रात को सफर करना पड़ता है। मैं खुद कई बार ट्रेनिंग करते समय लेट हो जाती हूं। मेरी फैमिली ने मुझे क्रिकेट खेलने बाहर भेजा है। मैं भी चाहती हूं कि मेरे आसपास ऐसे लोग हों, जिससे कि मुझे किसी प्रकार का डर न लगे। हर महिला ही यह चाहती है।
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हरमन ने कहा कि बेटियों को लेकर लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए, उसके बाद ही समाज बदलेगा। अगर सोच अच्छी होगी, तभी समाज अच्छा होगा। अगर सोच अच्छी नहीं तो समाज अच्छा नहीं और फिर क्राइम होगा ही। पंजाब पुलिस में डीएसपी पद पर नौकरी के बारे में हरमन ने कहा कि पंजाब पुलिस में डीएसपी की नौकरी पाना एक सपना रहा है। विश्व कप के सेमीफाइनल में 115 गेंदों पर 171 रनों की पारी ने मेरी जिंदगी बदल दी है।
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star cricketer harmanpreet kaur
हरमन ने कहा कि कभी रोजगार की तलाश में मुझे पंजाब से पलायन करना पड़ा, लेकिन अब उनका राज्य घर वापसी के लिए इंतजार कर रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकार ने मुझे सम्मानित कर पंजाब पुलिस में बतौर डीएसपी की नौकरी ऑफर किया है। मेरे लिए यह खुशी के पल जरूर हैं, लेकिन मैं रेलवे की नौकरी छोड़ने को लेकर दुविधा में हैं। रेलवे ने संघर्ष के दिनों में मुझे नौकरी दी थी।
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हरमनप्रीत ने मीडिया के साथ बातचीत में डीएसपी पद के ऑफर को एक उपलब्धि बताया। हरमन ने कहा कि वह अपने परिवार के साथ रहना चाहती हैं। खासकर उस स्थिति में जब मुझे क्रिकेट खेलते हुए चोट लग जाती है, ऐसे में घर और परिवार नजदीक होना चाहिए। फिलहाल यह सब प्रक्रिया में है। वर्ल्ड कप के दौरान हरमन की एक अंगुली में चोट लगने से वह डिस्लोकेट हो गई थीं, इस पर उन्होंने बताया कि अब वह ठीक हो रही हैं।
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हरमन ने कहा कि फाइनल में पहुंचना एक बहुत बड़ी उपलब्धि रही। सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर टीम के लिए खेला। हम टूर्नामेंट में शुरू से ही बेहतर खेल दिखा रहे थे। हरमनप्रीत ने कहा कि मोगा से खेलना शुरू किया, वहां पर स्कूल में खेलने के लिए जगह उपलब्ध थी। लेकिन विश्व कप के फाइनल में पहुंचने के बाद से महिला क्रिकेट के प्रति लोगों में लगाव बढ़ा है, लोग अपनी बच्चियों को क्रिकेट अकादमी भेजने लगे हैं। इस समय मोगा में तीन क्रिकेट अकादमी खुल चुकी हैं।
महिला खिलाड़ियों के मैच दिखाए जाएं
हरमन ने कहा कि महिला खिलाड़ियों के मैचों का भी प्रसारण होना चाहिए। वर्ल्ड कप के दौरान सभी ने हमारे मैच टीवी पर देखे, इससे लोग हमें पहचानने लगे हैं। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अपनी पारी के सवाल पर कहा कि इस तरह की पारियां पहले भी उनकी साथी खेल चुकी थीं, लेकिन तब किसी ने उन पर गौर नहीं किया था।