इस IAS अफसर को 'असली दबंग' न कहें तो क्या कहें, जिसने न जाने कितने भ्रष्ट अधिकारियों को सस्पेंड कराया, न किसी धमकी से डरे।
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आईएएस अशोक खेमका
- फोटो : file photo
दरअसल बात हो रही है, हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका की। खेमका को एक बार फिर तबादले की मार झेलनी पड़ी है। सरकार ने इस बार उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से हटाकर खेल एवं युवा मामले विभाग का प्रधान सचिव लगाया है। खेमका का यह तबादला उनके 26 वर्ष के सेवाकाल में 50 से ऊपर का आकंड़ा पार कर गया है।
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अशोक खेमका
- फोटो : अशोक खेमका
अशोक खेमका जिस भी विभाग में गए वहां पर घोटाले उजागर किए। अपनी इसी कार्यशैली के कारण वह हमेशा सत्ता के निशाने पर रहे हैं। उनका नाम सबसे ज्यादा तबादलों की मार झेलने वाले अधिकारियों में गिना जाता है।
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आईएएस अशोक खेमका
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में खेमका की सक्रियता सरकार को रास नहीं आई। खेमका विभाग में लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार की परतें खोलना शुरू कर चुके थे, अगर और कुछ समय विभाग में रहते तो बड़ी मछलियां बेनकाब हो सकती थीं। खेमका के खुलासों की आंच सीधे सरकार पर आने की भी संभावना थी।
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ashok khemka
अशोक खेमका की गिनती ऐसे नौकरशाहों में होती है जो नेताओं की कठपुतली नहीं हैं। जो नियम कानून के आगे किसी की नहीं चलने देते। बता दें विभाग की सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग होने का मामला खेमका पहले ही सार्वजिनक कर चुके हैं।
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रॉबर्ट वाड्रा, अशोक खेमका और मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका का प्रदेश में कार्यकाल काफी विवादों से भरा रहा। इन 26 सालों में वे 50 से ज्यादा तबादले झेल चुके हैं। 12 अक्तूबर 2012 को वह उस समय सबसे अधिक सुर्खियों में छाए जब चकबंदी महानिदेशक पद पर रहते हुए उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच जमीन को लेकर हुई डील की म्यूटेशन रद्द कर दी थी।
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Om Prakash Chautala
मुख्यमंत्री तक का आदेश नहीं माना था
अपनी ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी तेवर की वजह से ही अशोक खेमका हरियाणा में काफी लोकप्रिय हैं। साल 2004 में उन्होंने मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला तक का आदेश मानने से इंकार कर दिया था, जब सरकार ने कई शिक्षकों का सत्र के बीच में ही तबादला किया था।
पश्चिम बंगाल में पैदा हुए अशोक खेमका ने आईआईटी खड़गपुर से ग्रैजुएशन करने के बाद मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी हासिल की। उन्होंने एमबीए की डिग्री भी हासिल की है। अशोक खेमका 1991 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं। अपनी ईमानदारी के अलावा उन्हें नियमों के जानकार के तौर पर भी जाना जाता है। कहा जाता है कि विभाग के सीनियर अधिकारी भी उनसे कई बार राय लेते हैं।