छह विदेशी विश्वविद्यालयों ने पंजाब के छात्रों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब उन्हें एक नई शर्त के साथ दाखिला मिलेगा, वरना भूल जाओ।
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फाइल फोटो
दरअसल, यूके की छह यूनिवर्सिटी ने पंजाबी छात्रों के दाखिले को लेकर सख्त रूख अपना लिया है। एक यूनिवर्सिटी तो पंजाब के छात्रों पर प्रतिबंध लगा चुकी है। दूसरे नामी विश्वविद्यालयों ने भी दाखिला प्रक्रिया में सख्ती करके कई बदलाव शुरू कर दिए हैं। यूके दूतावास भी अब टेलीफोन पर इंटरव्यू करने लगा है।
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यूके से फरार होने वाले तीन हजार स्टूडेंट्स के सभी दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच शुरू हो गई है और इसमें बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। इसमें शामिल पंजाब के कई एजेंटों पर गाज गिरनी तय है। यूके की नामी यूनिवर्सिटी वोल्वहैंपटन, मिडलसेक्स, जीसीयू ने कैस लैटर (कंफर्मेशन ऑफ एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज) जारी करने से पहले गहन जांच शुरू कर दी है।
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गौरतलब है कि जनवरी में नया सेशन शुरू होने जा रहा है और अभी तक बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स से फीस लेकर यूनिवर्सिटी ने कैस लैटर जारी नहीं किया है। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है। जनवरी शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। 23 से लेकर 31 दिसंबर तक छुट्टियां हो जाएंगी। अगर इस दौरान कैस लैटर आ भी जाता है तो वीजा मिलना मुश्किल होगा।
आईलेट्स जरूरी
यूके की वारस्टर यूनिवर्सिटी और साउथ वेल यूनिवर्सिटी ने नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया है कि सितंबर में होने वाले दाखिले में वह पंजाब के उन स्टूडेंट्स को ही दाखिला देंगे, जो आईलेट्स पास करके आएंगे। अभी तक यूके में दाखिला बिना आईलेट्स के मिल रहा था। ऐसे में भारी संख्या में ऐसे युवा यूके पहुंच गए, जिनका मकसद शिक्षा नहीं यूके में बसना था। इस काम में यूके के स्टडी एजेंट्स ने मोटा पैसा कमाया।