प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दरवाजा तोड़ने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन टूटा नहीं। भागकर दूसरी ओर गए तो सीढ़ियों की ओर का दरवाजा भी अंदर से बंद था। दरवाजों तक से लपटें उठ रहीं थी।
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पानीपत हादसे में मारी गई इशरत खातून, अब्दुश और रेशमा।
- फोटो : फाइल
पानीपत के गांव बिचपड़ी की परशुराम कॉलोनी की गली नंबर चार में गुरुवार सुबह हुए हादसे में पूरा परिवार जिंदा जल गया। 80 वर्गफुट का कमरा छह लोगों के लिए कब्रिस्तान बन गया। बुधवार रात से लीक हो रही गैस ने सुबह सात बजे पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दिया। दंपती और चार बच्चों का इतना वक्त भी नहीं मिला कि दरवाजा खोलकर बाहर निकल सकें।
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बिलखते परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
हादसे में अब्दुल (42) उसकी पत्नी अफरोज (40), बेटी इशरत खातून (18), रेशमा (16), बेटे अब्दुल शकूर (10) और अफान (10) जिंदा जल गए। मृतक के पड़ोसी ने बताया कि सुबह से ही गैस लीक होने की महक आ रही थी। अफरोज को कई बार आवाज भी दी, लेकिन सुना नहीं।
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पानीपत में हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
लोगों के अनुसार, सुबह चाय बनाने के लिए गैस जलाई और पूरे कमरा आग का गोला बन गया। चिल्लाने की आवाजें आई तो सभी दौड़े, दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन अंदर से बंद था। ताला लगा हुआ था। परिवार को इतना भी वक्त नहीं मिला कि चाबी से ताला ही खोल सकें। अचानक लगी आग ने किसी को बचने का मौका ही नहीं दिया।
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विलाप करते लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दरवाजा तोड़ने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन टूटा नहीं। भागकर दूसरी ओर गए तो सीढ़ियों की ओर का दरवाजा भी अंदर से बंद था। दरवाजों तक से लपटें उठ रहीं थी। आग बुझाने की कोशिश भी नाकाम हुई, फिर और लोग भी आ गए और मिलकर किसी तरह दरवाजा तोड़ा गया। दरवाजा टूटते ही आग का गोला बाहर निकला। अंदर कोई जिंदा नहीं था, सभी की जलकर मौत हो चुकी थी। बच्चों के शव बिस्तर पर ही पड़े थे। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया और पुलिस की जांच शुरू हुई।
पूरा परिवार करीब 80 वर्गफुट के छोटे कमरे में रह रहा था। उसी में रसोई और बिस्तर भी था। कमरे के बगल में ही एक कमरा और है, जिसमें एक और मजदूर परिवार रहता है। नीचे एक गोदाम है। एसएसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि गैस लीक होने से हादसा हुआ है। पुलिस टीम जांच कर रही हे। डीएसपी मुख्यालय धर्मबीर खर्ब ने बताया कि सुबह चाय बनाने के लिए गैस जलाते ही आग लगी, जिसने पलक झपकते ही पूरे कमरे को चपेट में ले लिया। परिवार मूलरूप से पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर का रहने वाला है।