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देखिए, चंडीगढ़ से कैसे ऑपरेट होता है हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट?

Thu, 24 Dec 2015 08:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शिमला में होटल में पकड़े गये सेक्स रैकेट में जिस हाई प्रोफाइल एस्कॉर्ट सर्विस एजेंसी का नाम सामने आया है, वह चंडीगढ़ से ही कारोबार ऑपरेट करती थी। देखिए, पूरा मामला।
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पूरी कार्रवाई में अब तक पांच लड़कियों समेत दस की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्त में आई लड़कियों में दो चंडीगढ़ की हैं जबकि एक जम्मू, एक उत्तराखंड, एक नेपाल की है। इनकी उम्र 18 से 23 साल है। गिरफ्तार ग्राहकों में एक पंजाब और दो मुंबई के हैं जबकि एजेंट दीपक सैणी चंडीगढ़ का रहने वाला है।

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पुलिस पूछताछ में एजेंट ने खुलासा किया कि इस एस्कोर्ट सर्विस में एक महिला भी उसके साथ है जो उसे लड़कियां देती हैं। महिला ने अपना ठिकाना चंडीगढ़ में बना रखा है। इंटरनेट के जरिये इन्हें कॉल गर्ल की डिमांड आती है। एजेंट लड़कियों को लेकर शिमला आता है। इन लड़कियों को शहर के अलग अलग होटल में ठहराया गया। खुद एजेंट दीपक सैणी उर्फ कुनाल कच्ची घाटी में स्थित एक होटल में ठहरता है।

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एसकोर्ट सर्विस शिमला में एक रात के लिए कॉल गर्ल उपलब्ध करवाने के लिए दस से बीस हजार में सौदा तय करती थी। कॉल गर्ल की फोटो व्हाट्सऐप के जरिये कस्टमर तक भेजते थे। कॉल गर्ल की खूबसूरती के हिसाब से पैसों का भुगतान किया जाता। काल गर्ल सौंपने से पहले पूरी रकम पहले ही ले ली जाती। एजेंट होटल के बाहर कॉल गर्ल को लग्जरी गाड़ी में छोड़ कर चला जाता और सुबह उसे तय समय में लेने आता।

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एस्कोर्ट सर्विस का नेटवर्क बड़ा मजबूत है। एसकोर्ट एजेंसी पूरी छानबीन करने के बाद ही किसी कस्टमर के पास कॉल गर्ल भेजते हैं। केवल हिमाचल के बाहर से आए लोगों को ही कॉल गर्ल मुहैया करवाते हैं। सबसे पहले वह कस्टमर के मोबाइल नंबर से यह पता लगाते हैं कि यह नंबर हिमाचल का है या फिर बाहर का। हिमाचल का होने पर यह मना कर देते हैं अगर बाहर का नंबर है तो कॉल गर्ल भेजने की बात करते हैं।

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पुलिस के डर से एस्कोर्ट एजेंसी अपनी ओर से फुल प्रूफ सावधानी बरती है। पहले कस्टमर से पूछते हैं आप जिस होटल में ठहरे हैं उसका नाम बताओ, नाम बताने के बाद एजेंट रूम नंबर पूछता है। एजेंट कस्टमर से उस होटल का मेन्यू व्हाट्स ऐप के जरिये भेजने के लिए कहता है। जब एजेंट को यकीन हो जाता है, तब वह कस्टमर के व्हाट्सऐप पर 15 से 20 खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें भेजता है। पसंद आने पर सौदेबाजी होती है।

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सौदा पक्का होने के बाद एजेंट होटल के समीप लग्जरी कार में कस्टमर की बताई गई युवती को लेकर पहुंचता है। कस्टमर होटल से बाहर कार के पास बुलाता है। कार का थोड़ा सा शीशा सरकाता है और कस्टमर से बात करता है। वहीं पूरा अग्रिम भुगतान लेता है उसके बाद कॉल गर्ल को कार से उतर कर ग्राहक के साथ जाने को कहता है। कस्टमर बनी पुलिस के साथ एक कॉल गर्ल का सौदा तेरह हजार में किया गया था।

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कॉल गर्ल को मिलते हैं सिर्फ तीन हजारः कस्टमर के साथ सौदेबाजी एजेंट करता है वह एक रात के 10 से 20 हजार वसूल करता है। लेकिन कॉल गर्ल को एक रात का तीन हजार फिक्स रहता है। इसके पीछे एसकोर्ट एजेंसी का तर्क रहता है कि कॉल गर्ल के रहने खाने पीने और ट्रांसपोर्टेशन का वह पूरा खर्च उठाते हैं और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखते हैं। इस तरह की कई एसकोर्ट एजेंसी इंटरनेट पर हैं जो लड़की उपलब्ध करवाती हैं।
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गौरतलब है कि इससे पहले शिमला-सोलन बॉर्डर पर वाकनाघाट स्थित मोदगिल होटल में दो बांग्लादेशी सैलानियों समेत 8 को देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसमें पकड़ी गईं चारों युवतियां लुधियाना की थीं। इनकी उम्र करीब 25-30 वर्ष के बीच थी। जांच में यह खुलासा हुआ था कि होटल में पकड़े गए आरोपियों की एंट्री नहीं हुई है। इससे पुलिस को अंदेशा हो गया था कि होटल में ही लड़कियां सप्लाई हुई हैं।

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