पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की तरफ से किए जा रहे आतंकी हमलों के पीछे मुख्य टारगेट आखिर क्या है। देखिए, ये पड़ताल?
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देखिए, पंजाब में बड़े आतंकी हमलों का मकसद कहीं ये तो नहीं?
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पठानकोट हमले के बाद एजेंसी के सूत्रों ने माना कि पठानकोट जैसे आतंकी हमलों के माध्यम से सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने की साजिश की जा रही है। इसी कारण आतंकी संगठनों द्वारा बार-बार हमला सिर्फ सुरक्षा बलों पर किया जा रहा है।
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21 मार्च 2015 को पठानकोट-जम्मू हाईवे पर दो आत्मघाती आतंकवादियों ने आर्मी के कैंप पर हमला बोल दिया था। ठीक एक दिन पहले 20 मार्च को जेहादी आतंकवादियों ने एक जीप को छीनकर कठुआ पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर छह लोगों की हत्या कर दी थी।
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27 जुलाई को पाकिस्तान से आए आतंकियों ने गुरदासपुर के दीनानगर में हमला किया था जिसमें पंजाब पुलिस के एसपी बलजीत सिंह शहीद हो गए थे।
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पांच अगस्त को आतंकवादियों ने जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर उधमपुर में बीएसएफ की गाड़ी पर फायरिंग कर दी। इसमें लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकवादी नावेद को जिंदा काबू कर लिया गया था।
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अब वायुसेना के हेडक्वार्टर पर हमला किया गया। आईबी के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों का एक मात्र मकसद सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना व दहशत पैदा करना है, इसलिए उनका टारगेट सिर्फ आर्म्ड फोर्स हैं, चाहे वह बीएसएफ हो, आर्मी हो या पुलिस।
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शनिवार की घटना के बाद पठानकोट आर्मी हेडक्वार्टर के अलावा बीएसएफ के कैंपों पर सुरक्षा का घेरा मजबूत कर दिया गया है। कैंट एरिया को सील कर वाहनों की जांच की जा रही है।