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सावन के महीने में जरूर करें ये 1 काम, प्रसन्न हो जाएंगे शिव भगवान

Thu, 13 Jul 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शिव पूजा
सावन का महीना भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा महीना है और इसके लिए बस एक काम करना होगा, सब दुख परेशानियां दूर हो जाएंगी। 
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शिव पूजा
चंडीगढ़ में सेक्टर 30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र बताते हैं कि सावन के महीने में अगर भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाए और उसके बाद उनसे जुड़े मंत्रों का जाप किया जाए तो भगवान शिव खुश होते हैं। घर में कलह क्लेश और परेशानियों से मुक्ति मिलती है। बीमारियां घर का रास्ता छोड़ देती हैं।
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शिव पूजा
बीरेंद्र नारायण मिश्र के अनुसार, सावन के महीने में कुछ मंत्रों का 108 बार जाप करना चाहिए, इनका असर बहुत जल्दी होने लगता है। ऐश्वर्य और धन के लिए 'ह्रीं नम शिवाय' का जाप करना चाहिए। बुद्धि और ज्ञानवृद्धि के लिए 'ऐं नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए। बीमारियों के नाश के लिए 'जुं सः, हौं जूं सः, त्र्यंम्बकम् यजामहे, पुगन्धिपुष्टिवर्धनम उर्वारुकमिव बंधनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात' का जाप करना चाहिए।
 

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शिव पूजा - फोटो : Amar Ujala
बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि इस बार सावन में शिव महा जयंती योग बन रहा है। यह योग 26 वर्षो के बाद आया है। बीरेंद्र नारायण मिश्र का कहना है कि सावन का प्रारंभ और अंत सोमवार को होने, इसके अलावा दोनों पक्षों की प्रतिपदा सोमवार को होने सावन में पांच सोमवार होने और कन्या राशि में बृहस्पति होने के कारण शिव महा जयंती योग बन रहा है।
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शिव पूजा - फोटो : ballia

देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष डॉ लाल बहादुर दुबे ने बताया कि सावन का पूरा महीना ही शिव अराधना के लिए विशेष होता है, लेकिन इस बार शिवभक्तों को 5 दिन सावन सोमवार के व्रत रखने को मिलेंगे। प्रथम सावन सोमवार 10 जुलाई को, दूसरा 17 जुलाई को, तीसरा 24 जुलाई, चौथा सोमवार 31 जुलाई और 7 अगस्त को 5वां सोमवार होगा। तीसरे सोमवार 24 जुलाई को पुष्य नक्षत्र रहेगा।
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शिव पूजा

सावन के आखिरी सोमवार 7 अगस्त को भाई बहन के पवित्र बंधन का त्यौहार रक्षाबंधन भी मनेगा। राखी का शुभ समय सुबह 10:39 से दोपहर 1:53 तक रहेगा। इस दिन सुबह 10:30 बजे तक भद्रा काल भी है। इसलिए भद्रा काल समाप्त होने और सूतक लगने के पूर्व ही बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांध सकेंगी। रक्षा सूत्र बांधने के लिए सुबह 10:39 के बाद और दोपहर 1:53 तक का ही मुहूर्त शुभ है।
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