पंजाब की बेटियां किसी बेटे से कम नहीं। एक बेटी तो ऐसी है, वह खेत भी जोतती है, हल भी खींचती है और फसल पर छिड़काव भी करती है। देखिए, इस बेटी को और कीजिए सेल्यूट। - रिपोर्ट: जतिंदर देवगन, बरनाला
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खेत जोतना-हल खींचना, करती है सारे काम, बेटी तुझे सलाम
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ये बेटी है पंजाब के बरनाला जिले के गांव कालेका की रहने वाली किरण रानी। किरण का कहना है कि मेरे पिता ने आज तक मुझे कभी बेटी कहकर नहीं पुकारा, जब भी कहते हैं बेटा ही कहते हैं। उसके पालन-पोषण में पिता ने कभी किसी चीज की कमी नहीं आने दी।
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खेत जोतना-हल खींचना, करती है सारे काम, बेटी तुझे सलाम
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किरण रानी के बुजुर्ग पिता काका खां का कहना है कि उसकी बेटी लड़कों की तरह हर काम में उसका हाथ बंटाती है। जहां तक कि खेतीबाड़ी के काम में भी उसकी मदद करती है। उसे अपनी लाड़ली पर गर्व है। किरण बारहवीं पास है। गरीबी के कारण वह आगे नहीं पढ़ पाई। उसका एक छोटा भाई भी है, जो विशेष बच्चा है।
खेत जोतना-हल खींचना, करती है सारे काम, बेटी तुझे सलाम
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बड़ी होने के कारण वह ही पिता के साथ खेत जोतती है, हल खींचती है और बीजी सब्जियों पर कीड़ेमार दवाओं की स्प्रे भी करती है। किरण बोई सब्जी भी खुद बेचती है। सब्जी से जो भी आमदन होती है उससे अपने माता-पिता व छोटे भाई का खर्च उठाती है।
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किरण के पिता काका खां के पास कोई जमीन जायदाद नहीं है। वह पांच एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती करते हैं। किरण रानी अपने बुजुर्ग पिता का हाथ बटाती है। वह खेतीबाड़ी का धंधा, सब्जी बेचने का कार्य और भैंस का दूध दोहने के बाद बेचने का कार्य भी करती है।
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कम्युनिस्ट नेता गुरदेव सिंह दर्दी, उजागर सिंह बीहला इत्यादि का कहना है कि नन्हीं छांव का ढींढोरा पीटने वालीं केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ऐसी लड़कियों की सुध लेकर उनके परिवारों की आर्थिक हालत सुधारने में ठोस कदम उठाएं।