फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेल्यूट: पिता ने चलाई रिक्शा, मां ने धोए बर्तन...और बेटा बना एसडीएम

Sat, 29 Oct 2016 09:34 AM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 5
बेटा बना एसडीएम
पिता रिक्शा चलाते थे और मां लोगों के घरों में बर्तन मांजती थी और मजदूरी करती थी। विपरीत परिस्थितियों में इस युवक ने जो कर दिया, आज सबको उसपर नाज है।
विज्ञापन

2 of 5
बेटा बना एसडीएम
बात हो रही है, हरियाणा के हिसार जिले के डबवाली रहने वाले जितेंद्र कुमार की। उन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए हरियाणा सिविल सर्विस एग्जाम पास किया है। अब वे एसडीएम के रूप में अपना करियर शुरू करेंगे। 
विज्ञापन

3 of 5
बेटा बना एसडीएम
जितेंद्र की शुरुआती पढ़ाई डबवाली के गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल और नवोदय स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने शहर के बीआर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। जितेंद्र के पिता परिवार चलाने के रिक्शा चलाया करते थे, लेकिन जब जितेंद्र की उम्र 13 साल थी तब उनके पिता की मौत हो गई थी।

4 of 5
बेटा बना एसडीएम
पिता के मौत के बाद जितेंद्र की मां ने घर को संभाला और बेटे को पढ़ाने के लिए लोगों के घरों में बर्तन मांजती थी और मजदूरी करती थी। जितेंद्र ने बताया कि वो शुरू से ही सिविल सर्विसेस में जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की। उन्होंने 22 अगस्त को पंचकूला में इंटरव्यू दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बेटा बना एसडीएम
जितेंद्र ने बताया कि रिजल्ट घोषित होने के बाद जब उनका नाम लिस्ट में आया तो उनको खुशी का ठिकाना नहीं था। जितेंद्र कुमार अपने शहर से पहले एचसीएस अफसर बने हैं। जितेंद्र के सिलेक्ट होने के बाद पूरे शहर में खुशी का माहौल है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें